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Nikhat zareen not qualify for commonwealth games asian games: दो बार की वर्ल्ड चैंपियन निकहत जरीन कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करने से चूक गई हैं. उन्हें ट्रायल्स में साक्षी चौधरी ने हरया. कौन हैं साक्षी चौधरी जिन्होंने निकहत के सपने पर फेरा पानी, आइए जानते हैं.
निकहत जरीन एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई करने से चूकीं.
पटियाला. दो बार की वर्ल्ड चैंपियन निकहत जरीन गुरुवार को यहां राष्ट्रमंडल और एशियन गेम्स के ट्रायल्स में उलटफेर का शिकार होकर बाहर हो गईं. वहीं ज्यादातर मुक्केबाजों ने ट्रायल बेस्ड चयन प्रणाली की वापसी का स्वागत किया. 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल गेम्स की चैंपियन और 2023 हांग्झोउ एशियन गेम्स की ब्रॉन्ज मेडल विजेता निकहत पहले मुकाबले में 51 किग्रा के सेमीफाइनल में साक्षी चौधरी से 1-4 से हार गईं. भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने रविवार को भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) की मूल्यांकन आधारित प्रणाली को ‘अपारदर्शी’ बताते हुए इसे सस्पेंड कर दिया था, जिससे बीएफआई को ट्रायल बेस्ड चयन प्रक्रिया पर वापस लौटना पड़ा.
पिछले हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर द्वारा शुरू की गई मूल्यांकन आधारित चयन प्रणाली 2023 से ही सवालों के घेरे में रही है, जिसमें कई मुक्केबाजों ने भेदभाव और पारदर्शिता की कमी पर चिंता जताई है. एक अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता मुक्केबाज ने पीटीआई को बताया, “ट्रायल सिस्टम बहुत अच्छा है. हमें ये टेंशन नहीं रहता कि हम चुने गए हैं या नहीं, क्योंकि आकलन के एक हफ्ते बाद तक हमें लिस्ट का इंतजार करना पड़ता.” एक और मुक्केबाज ने कहा, “ट्रायल निष्पक्ष होते हैं. अगर मैं बाउट हार गया हूं, तो हार गया हूं और मुझे पता है कि मुझे किस पर काम करना है. पहले हम सोचते रहते थे कि हमसे कहां कमी रह गई.
निकहत जरीन एशियाई खेल और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई करने से चूकीं.
ट्रायल साइ पर्यवेक्षक की मौजूदगी में हुए. सेना की मुक्केबाज साक्षी अब 54 किग्रा से नीचे आ गई हैं. वह अब फाइनल में मौजूदा 48 किग्रा वर्ल्ड चैंपियन मीनाक्षी से भिड़ेंगी, जिन्होंने पूर्व वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल विजेता नीतू घंघास को एकमत फैसले से हराया. एक और बड़ा उलटफेर यह हुआ कि तीन बार के वर्ल्ड कप मेडल विजेता हितेश गुलिया 70 किग्रा सेमीफाइनल में सुमित से हार गए. सुमित भी ट्रायल्स के लिए 75 किग्रा से नीचे आ गए हैं. 65 किग्रा महिलाओं के सेमीफाइनल में एशियन गेम्स की ब्रॉन्ज मेडल विजेता परवीन हुड्डा ने अंकुशिता बोरो को हराया, जबकि पूजा रानी 80 किग्रा में नैना से हार गईं.
अब तक सचिन सिवाच (60 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा) और प्रिया घघंस (60 किग्रा) ने पिछले महीने मंगोलिया में हुई एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के बाद राष्ट्रमंडल और एशियन गेम्स दोनों के लिए क्वालीफाई कर लिया है. मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन जैस्मिन लम्बोरिया (57 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) ने सिर्फ राष्ट्रमंडल गेम्स के लिए जगह पक्की की क्योंकि उनका वजन वर्ग एशियाड में शामिल नहीं है. ट्रायल जीतने वाले मुक्केबाज राष्ट्रमंडल गेम्स से पहले कैंप के लिए चेकिया जाएंगे, जबकि दूसरे रैंक के मुक्केबाज 15 से 20 जून तक चीन के गुइयांग शहर में होने वाले वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में हिस्सा लेंगे. 2026 राष्ट्रमंडल गेम्स जुलाई-अगस्त में ग्लासगो में और इसके बाद सितंबर-अक्टूबर में 2026 एशियन गेम्स जापान में होंगे.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें


