
संवाददाता। राजन जायसवाल।
सोनभद्र। जिले के दूरस्थ आदिवासी एवं पिछड़े इलाकों में शिक्षा की अलख जगाने के उद्देश्य से डिजिटल साथी फाउंडेशन ने “गुरुकुल सेंटर” अभियान की शुरुआत की है। संस्था द्वारा संचालित इस पहल के तहत गरीब और जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
संस्था के संस्थापक वेद प्रकाश ओझा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई बच्चे संसाधनों के अभाव में बेहतर शिक्षा से वंचित हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए फाउंडेशन ने गुरुकुल सेंटर परियोजना शुरू की है, ताकि आदिवासी और पिछड़े वर्ग के बच्चों को गांव स्तर पर ही शिक्षा और मार्गदर्शन मिल सके।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में दो गुरुकुल सेंटर सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। पहला सेंटर चांचीखुर्द गांव में तथा दूसरा नरहटी गांव में खोला गया है। यहां बच्चों को नियमित पढ़ाई के साथ अनुशासन, सामान्य ज्ञान और बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सेंटरों पर पढ़ने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों में इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
वेद प्रकाश ओझा ने कहा कि शिक्षा समाज को बदलने का सबसे प्रभावी माध्यम है और संस्था का प्रयास है कि कोई भी बच्चा केवल आर्थिक कमजोरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में पूरे सोनभद्र जिले में कुल 10 गुरुकुल सेंटर स्थापित करने की योजना है।
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने डिजिटल साथी फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे गांव के गरीब बच्चों को नई दिशा मिलेगी और उनमें पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी। लोगों ने इसे समाजहित में उठाया गया प्रेरणादायक कदम बताया है।