
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
सोनभद्र। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एकत्रित हुई कार्यकत्रियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकत्रियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी समस्याएं अनदेखी की जा रही हैं, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बताया कि उन्होंने अपनी मांगों के समाधान के लिए 30 अप्रैल तक का समय दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा कार्यकत्रियों ने सरकार से मांग की कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। साथ ही नियमित वेतनमान, पेंशन, चिकित्सा सुविधा और अन्य भत्तों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से वे गांव-गांव में महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सम्मानजनक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
आंदोलन के दौरान संगठन की पदाधिकारियों ने सेवा नियमावली लागू करने और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां बेहद कम मानदेय में लगातार कार्य कर रही हैं, जबकि उन पर कई विभागीय जिम्मेदारियां भी डाली जा रही हैं कार्यकत्रियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा। साथ ही अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की भी बात कही गई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकत्रियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के बाद संगठन की प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि शासन स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
