
विंध्य ज्योति संवाददाता राजन जायसवाल
कोन सोनभद्र। दुद्धी तहसील के कोन विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत करहिया में स्थित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय व एएनएम सेंटर की लापरवाही का मामला एक बार फिर सामने आया है। यहां वर्षों से केंद्र पर ताला लटका है, जबकि नियुक्त चिकित्सक, एएनएम व अन्य कर्मचारी गायब हैं। इससे नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को दूसरी बार प्रदर्शन कर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों का आरोप है कि तैनात डॉक्टर व कर्मचारी बिना ड्यूटी किए वर्षों से वेतन उठा रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। केंद्र बंद होने से क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए दूर-दराज जाना पड़ रहा है, वहीं बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह बदहाल हो चुका है। परिसर में गंदगी और झाड़ियां उगी हुई हैं, जिससे स्पष्ट है कि लंबे समय से यहां कोई गतिविधि नहीं हुई है।
दूसरी बार सड़कों पर उतरे ग्रामीण
बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे समाजसेवी कुंदन यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
ग्रामीण रामनिहोर ने बताया कि “कई वर्षों से अस्पताल बंद है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।” प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारी केवल औपचारिक जांच करने पहुंचे और स्थानीय लोगों से हस्ताक्षर कराने में जुटे रहे।
कार्रवाई की मांग, डीएम को सौंपा ज्ञापन
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर संबंधित चिकित्सक व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और केंद्र को तत्काल चालू कराने की मांग की।
प्रदर्शन में कुंदन यादव, रामनिहोर, बाबूलाल, देवकुमार, बजरंगी, द्वारिका, ब्रह्मदेव सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
अधिकारियों ने क्या कहा
मुख्य चिकित्साधिकारी पी.के. राय ने बताया कि केंद्र पर फार्मासिस्ट व सीएचओ की तैनाती है और मामले की जांच के लिए सीएचसी अधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं। वहीं जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान संबंधित चिकित्सक व स्टाफ का मार्च माह का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अब बड़ा सवाल
क्या इस बार लापरवाह डॉक्टरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी या मामला फिर कागजों में ही दबकर रह जाएगा?

