
ब्यूरो रिपोर्ट गुजरात।
गुजरात। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल जी ने फिल्म ‘गोदान’ के पोस्टर विमोचन अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि यह फिल्म गौ-माता के प्रति हमारी सनातन संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक संवेदनाओं का अत्यंत सार्थक, भावनात्मक एवं गरिमामय चित्रण प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ-माता का स्थान केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है, और ‘गोदान’ जैसी फिल्में इस मूल भाव को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करती हैं। मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान समय में जब समाज तेजी से आधुनिकता की ओर अग्रसर है, तब अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेज कर रखने की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। ‘गोदान’ जैसी रचनाएँ न केवल मनोरंजन का माध्यम हैं, बल्कि समाज को आत्ममंथन का अवसर भी प्रदान करती हैं और हमारी सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करती हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल जी ने इस सांस्कृतिक प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसी फिल्में नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और गौ-संरक्षण के महत्व से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि सिनेमा यदि सकारात्मक संदेश के साथ प्रस्तुत हो, तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने फिल्म ‘गोदान’ की सम्पूर्ण टीम को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। उन्होंने विशेष रूप से निर्माता-निर्देशक विनोद चौधरी जी, नवल किशोर जी तथा फिल्म से जुड़े अन्य सहयोगियों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि उनके समर्पण और दृष्टिकोण के कारण ही इस प्रकार की सार्थक फिल्म का निर्माण संभव हो पाया है। अंत में मुख्यमंत्री जी ने फिल्म ‘गोदान’ की सफलता के लिए मंगलकामनाएँ व्यक्त करते हुए आशा जताई कि यह फिल्म दर्शकों के हृदय को स्पर्श करेगी और गौ-माता तथा सनातन संस्कृति के प्रति सम्मान और संवेदना को और अधिक सुदृढ़ है।
