
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
मामले को लेकर वकीलों में आक्रोश, मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में पहुंचे बार एसोशिएशन के अध्यक्ष।
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र स्थित लोढी टोल प्लाजा पर एक महिला अधिवक्ता और उनके साथियों के साथ टोल कर्मियों ने मारपीट की। इस घटना में महिला अधिवक्ता के तीन साथी घायल हो गए। यह विवाद टोल प्लाजा पर गाड़ियों की लंबी कतार और ग्रीन सिग्नल होने के बावजूद हो रही देरी को लेकर शुरू हुआ। महिला अधिवक्ता ने जब इस देरी का कारण पूछा, तो टोल कर्मियों के साथ उनकी बहस हो गई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। मारपीट में घायल हुए लोगों में से एक महिला को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। अन्य दो घायलों को भी चोटें आई हैं। इस घटना को लेकर वकीलों में भारी आक्रोश है।

सूचना मिलने पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचे। पीड़ित पक्ष ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में टोल कर्मियों के खिलाफ तहरीर दी है। घटना दोपहर करीब 3:30 बजे की है, जब अधिवक्ता आरती पांडेय अपने साथियों के साथ टोल प्लाजा पहुंचीं। उनकी गाड़ी से पहले ही दो-तीन गाड़ियां खड़ी थीं और ग्रीन सिग्नल होने के बावजूद टोल पर लगभग 10 मिनट से अधिक समय से देरी हो रही थी। इसी मामले को लेकर विवाद खड़ा हो गया।आरती पाण्डेय ने बताया देरी का कारण जानने के लिए नवीन सिंह गाड़ी से उतरकर टोल बूथ पर गए। बूथ के अंदर बैठे एक टोल कर्मी ने उन्हें मां-बहन की गालियां दीं और चुपचाप गाड़ी में बैठने या जान से मारने की धमकी दी। जब नवीन सिंह वापस नहीं लौटे, तो अवनीश दुबे उन्हें देखने गए। इसी दौरान, दो टोल कर्मियों ने नवीन सिंह पर हमला कर दिया और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। अवनीश दुबे ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन टोल कर्मियों ने उन पर भी हमला कर दिया। इस दौरान नवीन सिंह के सिर से खून बहने लगा। आरती पांडेय के अनुसार, चार-पांच टोल कर्मियों ने मिलकर दोनों को जमीन परपटक-पटक कर पीटा। जब आरती पांडेय बीच-बचाव करने गईं, तो टोल कर्मियों ने उन्हें भी धक्का दिया, जिससे उनके सैंडल टूट गए। अवनीश दुबे के हाथ में गंभीर चोट आई है, जबकि नवीन सिंह के सिर में चोट लगी है। आरती पांडे को भी धक्का लगा और उन्हें एंजायटी की समस्या है। आरती पांडेय ने बताया कि टोल कर्मियों ने मारपीट के दौरान ब्रेसलेट पहन रखे थे। घटना के लगभग एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इस मारपीट में कुल दो-तीन लोगों को चोटें आई हैं, जिनमें से एक महिला को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। घायल नवीन सिंह ने बताया कि वह रॉबर्ट्सगंज से ओबरा जा रहे थे। उनके साथ उनकी पत्नी, पत्नी की बहन और एक दोस्त भी थे। जब वे टोल प्लाजा पहुंचे, तो उनके आगे और पीछे दो-दो गाड़ियां खड़ी थीं, जिससे काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कई मिनट तक खड़े रहने के बाद, उन्होंने टोलकर्मी से देरी का कारण पूछा। टोलकर्मी ने बताया कि आगे वाली गाड़ी के एसएमएस का इंतजार किया जा रहा है। नवीन सिंह ने तर्क दिया कि यदि ऐसी स्थिति थी, तो वहां पहले से गार्ड खड़ा करना चाहिए था ताकि वे दूसरी लेन से जा सकें। इस बात पर टोलकर्मी ने अभद्रता की और गाली-गलौज करने लगा। अन्य टोलकर्मी भी वहां आ गए और बहस बढ़ गई। इसी दौरान, एक टोलकर्मी ने पीछे से सिर पर वार कर दिया घटनास्थल पर पुलिस पहुंची, लेकिन नवीन सिंह के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अधिवक्ता आरती पांडे अपनी दादी के घर ओबरा जा रही थीं। उनकी कार में दो महिलाएं और दो पुरुष सवार थे। लोढ़ी टोल प्लाजा पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि वहां गाड़ियों का लंबा जाम लगा हुआ था। जब उन्होंने टोलकर्मी से देरी का कारण पूछा, तो टोलकर्मी ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आधा दर्जन से अधिक टोलकर्मियों ने कलाई के कड़े और डंडों से उन पर हमला किया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस प्रशासन ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पीड़ित अधिवक्ता आरती पांडेय की ओर से इस संबंध में तहरीर दी जा चुकी है। पुलिस ने बताया कि टोल प्लाजा पर लगे कैमरों की फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने टोलकर्मियों के इस व्यवहार की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि टोलकर्मियों की पूरे प्रदेश में शिकायतें हैं और टोल पर अधिक कमाई के कारण अक्सर ऐसे तत्वों को रखा जाता है। उन्होंने लोढ़ी टोल प्लाजा को तत्काल हटाने की मांग की, यह कहते हुए कि यह गलत तरीके से लगा हुआ है और कई साल बीतने के बाद भी इसका टोल पूरा नहीं हुआ है। अध्यक्ष ने बताया कि आगे की रणनीति तय करने के लिए आम सभा की बैठक में सभी अधिवक्ताओं की राय ली जाएगी और उनके बहुमत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
