• सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
Thursday, January 29, 2026
Vindhya Jyoti
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
No Result
View All Result
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • राष्ट्रीय
  • विदेश
  • बॉलीवुड
  • खेल
  • चंदौली
  • मिर्जापुर
  • बिहार
  • झारखंड
  • वाराणसी
No Result
View All Result
Vindhya Jyoti News
No Result
View All Result

OPINION: जब धुनें बेअसर हुईं तो ‘धर्म’ याद आया? एआर रहमान के आरोपों का फैक्ट-चेक

admin by admin
January 19, 2026
in बॉलीवुड
0 0
0
OPINION: जब धुनें बेअसर हुईं तो ‘धर्म’ याद आया? एआर रहमान के आरोपों का फैक्ट-चेक


नई दिल्ली. म्यूजिक इंडस्ट्री में एआर रहमान एक ऐसा नाम है, जिन्होंने ऑस्कर जीतकर भारत का सिर वैश्विक स्तर पर ऊंचा किया, लेकिन हाल ही में उनके एक इंटरव्यू ने संगीत प्रेमियों को चौंका दिया है. रहमान का कहना है कि पिछले 8 वर्षों से बॉलीवुड में उन्हें काम मिलना कम हो गया है और इसके पीछे की वजह वे ‘सांप्रदायिकता’ को बताते हैं. अब सवाल उठता है कि क्या वाकई उस फिल्म इंडस्ट्री में सांप्रदायिकता हो सकती है, जहां ‘खान’ सरनेम होना सफलता की गारंटी माना जाता है? या फिर यह अपनी व्यावसायिक विफलताओं को छिपाने के लिए ‘मजहबी ढाल’ का उपयोग है? आइए, इसे समझने की कोशिश करते हैं.

3 दशकों का सफर और अचानक ‘सांप्रदायिकता’ का अहसास
एआर रहमान पिछले 30 सालों से बॉलीवुड का हिस्सा हैं. इसी इंडस्ट्री ने उन्हें सिर आंखों पर बिठाया, आइकॉन बनाया और ‘मोजार्ट ऑफ मद्रास’ की उपाधि दी. तीन दशकों तक जिस बॉलीवुड ने उन्हें बेपनाह प्यार दिया, वह अचानक उनके लिए कम्युनल (सांप्रदायिक) कैसे हो गया? दिलचस्प बात यह है कि रहमान को यह ‘दिव्य ज्ञान’ तब मिला जब बॉक्स ऑफिस पर उनके संगीत का जादू पहले जैसा नहीं रहा.

‘छावा’ और गिरती हुई संगीत लोकप्रियता
कलाकार की योग्यता उसके काम से होती है. 90 के दशक और 2000 के शुरुआती सालों में रहमान ने ‘रोजा’, ‘दिल से’, ‘ताल’ और ‘रंग दे बसंती’ जैसे कालजयी एल्बम दिए, लेकिन क्या आज उनका संगीत उसी स्तर का है? विक्की कौशल स्टारर फिल्म ‘छावा’ बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही, लेकिन लगभग हर फिल्म समीक्षक ने माना कि फिल्म का सबसे कमजोर पहलू उसका संगीत था. आज के दौर में प्रीतम, अनिरुद्ध रविचंदर और विशाल मिश्रा जैसे संगीतकार दर्शकों की नब्ज पहचान रहे हैं. संगीत एक गतिशील कला है. अगर रहमान खुद को बदलने में नाकाम रहे हैं, तो इसका दोष समाज या सांप्रदायिकता को देना तर्कसंगत नहीं है.

कैसा रहा रहमान का पिछला 10 साल
एआर रहमान के पिछले 10 सालों का सफर उनके वैश्विक संगीत और भारतीय सिनेमा के बीच एक संतुलन रहा है. व्यावसायिक दृष्टिकोण से देखें तो इस दशक में उनके पास ‘2.0’, ‘पोन्नियिन सेलवन (1 & 2)’, और ‘अमर सिंह चमकीला’ जैसी ब्लॉकबस्टर और समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्में रही हैं. हालांकि, इसी दौरान ‘मोहनजोदड़ो’, ‘ओके जानू’, और ‘हीरोपंती 2’ जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरीं, जिन्हें ‘फ्लॉप’ की श्रेणी में रखा गया. रहमान का हालिया स्ट्राइक रेट यह दर्शाता है कि वह अब संख्या के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान दे रहे हैं. जहां ‘अतरंगी रे’ के संगीत ने चार्टबस्टर में जगह बनाई, वहीं कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स फिल्म की कमजोर पटकथा के कारण संगीत के बावजूद अपनी चमक नहीं बिखेर सके. कुल मिलाकर, उनके लिए यह दशक हिट से ज्यादा ‘म्यूजिकल मास्टरपीस’ देने वाला रहा है.
एआर रहमान की कुल संपत्ति
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एआर रहमान भारत के सबसे अमीर सिंगर और कंपोजर माने जाते हैं. 2026 तक उनकी कुल संपत्ति लगभग 1,728 करोड़ रुपये से 2,100 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है. उनकी आय के मुख्य स्रोत फिल्मों के लिए संगीत निर्देशन, लाइव कॉन्सर्ट, और खुद के वैश्विक म्यूजिक स्टूडियो (चेन्नई, लंदन और लॉस एंजेलिस) हैं. रहमान एक फिल्म के लिए लगभग 8-10 करोड़ रुपये और एक गाने के लिए करीब 3 करोड़ रुपये चार्ज करते हैं. उनके पास चेन्नई और लॉस एंजेलिस में आलीशान बंगले और मर्सिडीज-बेंज, जगुआर और वोल्वो जैसी लग्जरी कारों का शानदार कलेक्शन भी है.

‘खान’ तिकड़ी और बॉलीवुड का असली चेहरा
रहमान के दावों पर सबसे बड़ा प्रहार खुद बॉलीवुड की संरचना करती है. जिस इंडस्ट्री में शाहरुख, सलमान और आमिर खान जैसे सुपरस्टार्स का दशकों से दबदबा हो, जहां जावेद अख्तर, सलीम खान और गुलजार जैसे कलमकारों की पूजा होती हो, उस इंडस्ट्री को सांप्रदायिक कहना न केवल विरोधाभासी है, बल्कि कृतघ्नता जैसा भी लगता है. अगर बॉलीवुड में मजहबी आधार पर भेदभाव होता, तो क्या एक मुस्लिम कलाकार को ‘रामायण’ जैसी महान हिंदू महाकाव्य पर आधारित फिल्म के संगीत के लिए चुना जाता?

जावेद अख्तर का तर्क
वहीं, जावेद अख्तर ने इन तमाम कयासों और विवादों पर अपनी चुप्पी तोड़ते अपने एक इंटरव्यू में कहा, ‘फिल्म इंडस्ट्री में एआर रहमान की शख्सियत इतनी विशाल हो चुकी है कि छोटे निर्माता अक्सर उनसे संपर्क करने में घबराहट महसूस करते हैं. यह कोई ‘सांप्रदायिक दीवार’ नहीं, बल्कि उनकी सफलता का वो ऊंचा शिखर है जिससे लोग हिचकिचाते हैं.’ इससे साफ पता चलता है कि रहमान साहब का कद काफी ऊंचा है, वह इंटरनेशनल लेवल पर अपने काम के लिए जाने जा रहे हैं. ऐसे में, सवाल ये उठता है किया उनके पास वक्त है कि वह बॉलीवुड के लिए भी काम कर पाएं? जावेद सागब ने इंडस्ट्री में रहमान को लेकर चल रही ‘सांप्रदायिक सोच’ की बातों को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया. साथ में उन्होंने ये भी कहा, ‘रहमान साहब आज जिस मुकाम पर हैं, वहां उन्हें देखकर एक छोटे प्रोड्यूसर का हिचकना स्वाभाविक है, लेकिन मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ यह कह सकता हूं कि उनके दिल में किसी के लिए कोई भेदभाव नहीं है. वह एक सरल इंसान हैं.’

वहीं, अमिताभ बच्चन से लेकर शाहरुख खान तक, हर बड़े कलाकार ने असफलता का दौर देखा है, लेकिन उन्होंने कभी इसके लिए देश या इंडस्ट्री के चरित्र पर सवाल नहीं उठाए. रहमान का बयान ‘थाली में छेद’ करने के समान है. उन्हें समझना चाहिए कि संगीत की कोई भाषा या धर्म नहीं होता. इसलिए मेरी समझ से रहमान साहब को ‘कम्युनल एंगल’ तलाशने के बजाय अपने गिरते हुए संगीत ग्राफ और ‘गोल्डन टच’ को वापस पाने पर ध्यान देना चाहिए.



Source link

Previous Post

रॉबर्ट्सगंज पुलिस द्वारा अवैध खनन माफियाओं पर की बड़ी कार्रवाई, 04 अभियुक्त गिरफ्तार एवं उनके 03 वाहन जब्त।

Next Post

Ghaziabad News : गाजियाबाद में लेनी है जमीन? नीलामी से GDA ने कमाए 500 करोड़, अब 1000 करोड़ का टारगेट

admin

admin

Next Post
Ghaziabad News : गाजियाबाद में लेनी है जमीन? नीलामी से GDA ने कमाए 500 करोड़, अब 1000 करोड़ का टारगेट

Ghaziabad News : गाजियाबाद में लेनी है जमीन? नीलामी से GDA ने कमाए 500 करोड़, अब 1000 करोड़ का टारगेट

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

No Result
View All Result

Recent Posts

  • Pro Wrestling League 2026: दिल्ली दंगल वॉरियर्स ने टाइगर्स ऑफ मुंबई दंगल्स को 6–3 से हराकर सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार रखीं
  • IPU Admission news| GGSIPU UG Courses| GGSIPU courses fee| GGSIPU एडमिशन 2026-27: नए कोर्स, आवेदन और फीस विवरण
  • अनुराधा पौडवाल का 46 साल पुराना गाना, लाल बनारसी साड़ी में नागिन सी लहराई थी रेखा, जितेंद्र की खुल गई थी पोल
  • राष्ट्रीय ड्रैगन बोट प्रतियोगिता पंजाब नें सहरसा की बेटी ने जीता गोल्ड मेडल, जिले की पहली लड़की विजेता बनी
  • कोडिन कफ तस्करी में बड़ी सफलता, शुभम जायसवाल का करीबी विकास सिंह नरवे गिरफ्तार

Recent Comments

    Browse by Category

    • उत्तर प्रदेश
    • खेल
    • छत्तीसगढ़
    • बॉलीवुड
    • राष्ट्रीय
    • वाराणसी
    • सोनभद्र

    BreakingNews

    • All
    • उत्तर प्रदेश
    Pro Wrestling League 2026: दिल्ली दंगल वॉरियर्स ने टाइगर्स ऑफ मुंबई दंगल्स को 6–3 से हराकर सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार रखीं

    Pro Wrestling League 2026: दिल्ली दंगल वॉरियर्स ने टाइगर्स ऑफ मुंबई दंगल्स को 6–3 से हराकर सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार रखीं

    by admin
    January 28, 2026
    0

    नोएडा: दिल्ली दंगल वॉरियर्स ने नोएडा इंडोर स्टेडियम में खेले गए प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) 2026 के मैच 13 में...

    Recent News

    Pro Wrestling League 2026: दिल्ली दंगल वॉरियर्स ने टाइगर्स ऑफ मुंबई दंगल्स को 6–3 से हराकर सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार रखीं

    Pro Wrestling League 2026: दिल्ली दंगल वॉरियर्स ने टाइगर्स ऑफ मुंबई दंगल्स को 6–3 से हराकर सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार रखीं

    January 28, 2026
    IPU Admission news| GGSIPU UG Courses| GGSIPU courses fee| GGSIPU एडमिशन 2026-27: नए कोर्स, आवेदन और फीस विवरण

    IPU Admission news| GGSIPU UG Courses| GGSIPU courses fee| GGSIPU एडमिशन 2026-27: नए कोर्स, आवेदन और फीस विवरण

    January 28, 2026
    • Privacy Policy
    • Contact Us

    © 2020 Vindhya Jyoti News

    Welcome Back!

    Login to your account below

    Forgotten Password?

    Retrieve your password

    Please enter your username or email address to reset your password.

    Log In
    No Result
    View All Result
    • सोनभद्र
    • सिंगरौली
    • राष्ट्रीय
    • विदेश
    • बॉलीवुड
    • खेल
    • चंदौली
    • मिर्जापुर
    • बिहार
    • झारखंड
    • वाराणसी

    © 2020 Vindhya Jyoti News