
ब्यूरो रिपोर्ट लखनऊ।
ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और कार्बन उत्सर्जन में कमी पर 120 से अधिक देशों के मंत्री, सीईओ और नीति-निर्माता करेंगे विचार-विमर्श।
उत्तर प्रदेश। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में भारत ऊर्जा सप्ताह–2026 (India Energy Week 2026) का आयोजन 27 से 30 जनवरी 2026 तक गोवा में किया जाएगा। यह भारत का प्रमुख वैश्विक ऊर्जा मंच है, जिसमें दुनिया भर के ऊर्जा मंत्री, नीति-निर्माता, वैश्विक सीईओ, उद्योग प्रमुख और विशेषज्ञ भाग लेंगे।
चार दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, निवेश संवर्धन, स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन, कार्बन उत्सर्जन में कमी, हरित हाइड्रोजन, जैव-ईंधन और टिकाऊ ऊर्जा प्रणालियों जैसे विषयों पर व्यापक विमर्श होगा। सम्मेलन में 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी प्रस्तावित है, जो इसे वैश्विक ऊर्जा संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच बनाएगा।
वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन और निवेश के लिए भारत का प्रमुख मंच:
भारत ऊर्जा सप्ताह–2026 में मंत्रिस्तरीय राउंड टेबल बैठकें, सीईओ संवाद, रणनीतिक नीति सत्र, तकनीकी सम्मेलन और एक विशाल अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस प्रदर्शनी में ऊर्जा क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, नवाचारों और समाधान को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे वैश्विक निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
सम्मेलन का उद्देश्य ऊर्जा उपलब्धता, वहन-योग्यता (affordability), पहुंच (access) और स्थिरता (sustainability) के बीच संतुलन स्थापित करने पर वैश्विक सहमति बनाना है। इस मंच के माध्यम से विकासशील और विकसित देशों के बीच सहयोग को सशक्त किया जाएगा, ताकि ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) को व्यावहारिक और समावेशी बनाया जा सके।
स्वच्छ ऊर्जा, इथेनॉल मिश्रण और हरित हाइड्रोजन पर भारत का दृष्टिकोण:
भारत ऊर्जा सप्ताह–2026 में भारत की इथेनॉल मिश्रण नीति, हरित हाइड्रोजन मिशन, जैव-ईंधन पहल, ऊर्जा अवसंरचना विस्तार और आत्मनिर्भर ऊर्जा रणनीति पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों के माध्यम से भारत के अनुभवों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को वैश्विक समुदाय के साथ साझा किया जाएगा।
सम्मेलन वैश्विक निवेशकों को भारत के ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों, नीति स्थिरता और निवेश-अनुकूल वातावरण से अवगत कराएगा तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए रास्ते खोलेगा।
