ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
सोनभद्र। उप निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, विन्ध्याचल मण्डल, मीरजापुर वी0पी0 अवस्थी ने अवगत कराया है कि दिव्यांगजन एवं दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य कर रहे स्वैच्छिक संस्थाओं को सूचित किया जाता है कि दिव्यांगजन के हितार्थ ‘‘राज्यनिधि’’ मद से वित्तीय सहायता प्रदान किये जाने हेतु प्राविधान किये गये हैं। उन्होंने बताया कि उ0प्र0 के दिव्यांगजन द्वारा बनाये गये चित्रों, हस्तकला आदि सहित उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिये प्रदर्शनी एवं कार्यशालाओं हेतु धनराशि सहायता के रूप में उपलब्ध कराना। उ0प्र0 के दिव्यांगजन जिनका खेल/ललितकला/संगीत/नृत्य/फिल्म/थियेटर/साहित्य जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन हो, उन्हें राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय आयोजनों में प्रतिभाग किये जाने एवं खेल आयोजन हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना। दैनिक जीवन के गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिये बैंचमार्क दिव्यांगता के व्यक्तियों को उच्च सहायता वाले उपकरण (High Support Need Instruments) क्रय हेतु वित्तीय सहायता। उ0प्र0 के दिव्यांगजन जो गम्भीर बीमारियों यथा-कैंसर, थैलीसीमिया, प्लास्टिक एनीमिया, बहुस्केलोरोसिस से ग्रसित हों अथवा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से आच्छादित न हो, को चिकित्सा हेतु वित्तीय सहायता। दिव्यांगजनों की शिक्षा एवं पुनर्वास से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर सम्बद्ध हितधारकों का उन्मुखीकरण/प्रशिक्षण कार्यक्रम (इन सर्विस प्रोग्राम) हेतु वित्तीय सहायता। दिव्यांगजन हेतु संचालित विशेष विद्यालयों में गणित अथवा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अथवा मनोवैज्ञानिक आदि प्रयोगशालाओं की स्थापना हेतु वित्तीय सहायता। दिव्यांगजन हेतु संचालित विशेष विद्यालयांेमें खेल सुविधाओं का विकास, खेल उपकरण क्रय हेतु वित्तीय सहायता। दिव्यांगजनों के पुनर्वासन से सम्बन्धित सामाजिक, चिकित्सीय, शैक्षिक एवं विधिक (Legal) आदि विषयों पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला के आयोजन हेतु वित्तीय सहायता। राज्य निधि मद से वित्तीय सहायता प्रदान किये जाने हेतु पात्र इच्छुक स्वैच्छिक संस्थायेंध् दिव्यांगजन अपना प्रस्ताव 06 जनवरी, 2026 तक कार्यालय उपनिदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, विन्ध्याचल मण्डल, मीरजापुर में प्रस्तुत कर सकते हैं।

