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VB Jiramji Scheme: मजदूरों और गरीब परिवारों के लिए सरकार ने एक नई और मजबूत रोजगार योजना शुरू की है. इस योजना का नाम है विकसित भारत-गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण), जिसे वीबी-जीरामजी अधिनियम 2025 कहा जा रहा है.
कानपुर: ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मजदूरों और गरीब परिवारों के लिए सरकार ने एक नई और मजबूत रोजगार योजना शुरू की है. इस योजना का नाम है विकसित भारत-गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण), जिसे वीबी-जीरामजी अधिनियम 2025 कहा जा रहा है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में रहने वाले श्रमिकों को सुनिश्चित रोजगार देना और उनकी आजीविका को स्थायी बनाना है.
वीबी-जीरामजी योजना आखिर है क्या?
वीबी-जीरामजी योजना एक ऐसी सरकारी व्यवस्था है, जिसके तहत ग्रामीण श्रमिकों को हर साल तय संख्या में काम मिलने की गारंटी दी गई है. इस अधिनियम के लागू होने के बाद कोई भी ग्रामीण परिवार अपने गांव में ही काम की मांग कर सकता है. योजना का मकसद यह है कि लोगों को रोजी-रोटी के लिए शहरों की ओर पलायन न करना पड़े और गांव में ही उन्हें सम्मानजनक रोजगार मिल सके.
100 नहीं, अब 125 दिन मिलेगा का
इस नई योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें रोजगार की गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है. यानी अब ग्रामीण मजदूरों को साल में ज्यादा दिन तक काम मिलेगा. इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और आर्थिक परेशानियां कम होंगी. खासतौर पर खेतिहर मजदूर, छोटे किसान और दिहाड़ी श्रमिक इस योजना से सीधे लाभान्वित होंगे.
काम नहीं तो मिलेगा बेरोजगारी भत्ता
वीबी-जीरामजी योजना में यह भी साफ तौर पर तय किया गया है कि अगर किसी श्रमिक ने काम की मांग की और उसे तय समय के भीतर रोजगार नहीं मिला, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा. यह प्रावधान इस योजना को और मजबूत बनाता है. इससे मजदूरों का अधिकार सुरक्षित होगा और उन्हें यह भरोसा मिलेगा कि काम न मिलने की स्थिति में भी सरकार उनके साथ खड़ी है.
गांव में ही बनेगा रोजगार का आधार
इस योजना का असली मकसद गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है. वीबी-जीरामजी के जरिए गांवों में विकास से जुड़े काम कराए जाएंगे, जिससे न सिर्फ रोजगार मिलेगा बल्कि गांव की बुनियादी सुविधाएं भी मजबूत होंगी. योजना के लागू होने से ग्रामीण परिवारों की आय में स्थिरता आएगी और उनका जीवन स्तर बेहतर होगा, वीबी-जीरामजी अधिनियम-2025 ग्रामीण भारत के लिए एक ऐसी योजना है, जो रोजगार को अधिकार बनाती है और गांव के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.


