Last Updated:
Chhapra News:बिहार में अब किशोर और युवा स्केटिंग से रेस लगाते हुए देखे जा रहे हैं. यह नया क्रेज अभी राज्य में बहुत कम जगहों पर दिखता है, लेकिन युवाओं में इसका शौक तेजी से बढ़ रहा है.
बिहार में घोड़ा हाथी का रस करते हुए देखे होंगे बाइक फोर व्हीलर सहित कई वाहन का भी रेस लगाते हुए देखे होंगे लेकिन आज जिस चीज से किशोर और युवा रेस लगा रहे हैं. इसका प्रचलन अभी बिहार में बहुत कम ही जगह पर देखा जा रहा है यूं कहे तो एक प्रकार से यह गेम है. लेकिन गेम के आर में कुछ किशोर दुरुपयोग भी करते हैं. जिससे बड़ा घटना भी हो सकता है.
स्केटिंग एक ऐसा यंत्र है. जो पैर में जूता पहना जाता है. उसमें चक्का रहता है.जिसको पहन कर सड़कों पर 40 से भी अधिक स्पीड में युवा रेस लगाते हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें कोई ब्रेक नहीं होता है और अचानक स्केटिंग से रेस लगाने वाले युवा किशोर ब्रेक भी लगा लेते हैं और अपना बैलेंस भी कमान आसानी से कर लेते हैं. यह संभव तब होता है जब महीनो तक इसका अभ्यास किया जाता है.
सड़क पर ना करें स्केटिंग
विवेक कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर स्केटिंग से रेस लगाते हुए कुछ युवा को दिखें. इसके बाद मुझे स्केटिंग करने का मन किया तो पटना से स्केटिंग खरीदे और कुछ मेरे मित्र ऑनलाइन स्केटिंग खरीद कर मेरे साथ स्केटिंग करते हैं. सड़क पर 40 से भी अधिक स्पीड में हम लोग स्केटिंग कर लेते हैं. पूरी तरह से बैलेंस कंट्रोल करके बाइक के साथ तेजी में स्केटिंग करते हैं. स्केटिंग करना मुझे शौक है. प्रतिदिन सोनपुर के गंगा घाट पर आकर इसका अभ्यास मित्रों के साथ करता हूं. इतना पाया और पिलर बीच में होने के बावजूद भी उसमें बैलेंस बनाना और अपने को बचाना काफी मुश्किल भरी है. यहां अभ्यास काफी तगड़ा होता है. ऐसी जगह पर अभ्यास करके सड़क पर उतरने पर कंट्रोल किया जा सकता है. उन्होंने स्केटिंग करने वाले युवाओं को संदेश दिया. सड़क पर रेस नहीं लगाए, आपके साथ दुर्घटना होने की संभावना बनी रहेगी.


