रिपोर्ट कहती है कि एनसीआर के चारों शहरों में से गुरुग्राम और गुरुग्राम के आसपास का इलाका सबसे आगे है. सोहना भी गुरुग्राम से ही लगा हुआ इलाका है. यहां तेजी से बढ़ती शहरीकरण प्रक्रिया, मजबूत कारोबारी माहौल और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से यह शहर कामकाजी पेशेवरों की पहली पसंद बन गया है. इतना ही नहीं इन माइक्रो बाजारों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, बढ़ती आर्थिक गतिविधियां और संपत्ति की कीमतों में स्थिर बढ़त ने मिलकर भी इनकी ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है.
गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन से भी आगे सोहना
एनसीआर में लगभग 85,921 इकाइयों की कुल ग्रेडेड हाउसिंग यूनिट्स में से सोहना समेत गुरुग्राम का हिस्सा सबसे ज्यादा है, यह लगभग 73 फीसदी है. गुरुग्राम के उभरते माइक्रो-मार्केट्स जैसे सोहना, गोल्फ कोर्स, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, एसपीआर (साउदर्न पेरिफेरल रोड) और द्वारका एक्सप्रेसवे में भी हाउसिंग सप्लाई लगातार बढ़ रही है.
सोहना इसलिए है आगे
गुरुग्राम के दक्षिण में सोहना प्रमुख निवेश-अनुकूल क्षेत्रों में से एक इसलिए बन गया है कि क्योंकि यहां IMT सोहना, दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे, नेशनल हाइवे, दोहरी हवाई अड्डा कनेक्टिविटी और 10,000 एकड़ के अरावली जंगल सफारी जैसी बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स इस लोकेशन को सबसे बेस्ट बनाने वाले हैं. इतना ही नहीं यहां से पूरे एनसीआर के लिए भी बेहतर कनेक्टिविटी मौजूद है. वहीं सबसे खास बात है कि इसमें कीमतें अभी गुरुग्राम के बाकी इलाकों के मुकाबले कम हैं और तेजी से बढ़ रही हैं.
सोहना, गुरुग्राम के प्रमुख रोजगार केंद्रों जैसे साइबर हब और गोल्फ कोर्स रोड से केवल 40 मिनट की दूरी पर है और IGI एयरपोर्ट से भी एक घंटे से कम समय में पहुंचा जा सकता है. सोहना में लगभग 8,200 आवासीय इकाइयों की ग्रेडेड आपूर्ति दर्ज की गई है, जिसमें केवल 45 फीसदी यूनिट प्राथमिक बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, जो स्थिर मांग और अच्छी एब्जॉर्प्शन रेट को दर्शाता है. सोहना एक्सप्रेसवे के साथ आवासीय कीमतें प्रति वर्ग फुट (BUA) 10,000–12,000 रुपये के बीच हैं, जो गुरुग्राम के अन्य माइक्रो-बाजारों की तुलना में 2.3 गुना अधिक किफायती हैं.
इतना ही नहीं 1,500 से ज्यादा एकड़ के IMT सोहना के मौजूद होने से, 10,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की PPP निवेश सहायता, दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे से तेज़ कनेक्टिविटी और बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स की बढ़ती उपस्थिति सोहना को रोजगार पैदा करने वाला माइक्रो-बाजार और प्रीमियम व लक्ज़री आवासीय केंद्र बना रहे हैं.
यहां पर्यटन के लिए जल्द ही 10,000 एकड़ के जंगल सफारी प्रोजेक्ट को लाया जा रहा है.
गुरुग्राम में जमीन सीमित होने का पड़ा असर
जैसे-जैसे केंद्रीय गुरुग्राम में जमीन की उपलब्धता सीमित हुई और साइबर सिटी, गोल्फ कोर्स रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे कमर्शियल हब अपनी पूरी क्षमता पर पहुंच गए, शहर का विस्तार धीरे-धीरे गुरुग्राम के दक्षिण की ओर बढ़ा. इसके परिणामस्वरूप नए माइक्रो-बाजार उभर रहे हैं, जहां रियल एस्टेट की मांग लगातार बढ़ रही है.
वहीं बीपीटीपी (BPTP) के सीईओ मानिक मलिक का कहना है कि तेजी से बढ़ते माइक्रो मार्केट्स में से एक गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड (GCER) भी सोहना के साथ-साथ सबसे लोकप्रिय आवासीय इलाका बनता जा रहा है. यहां अच्छी नागरिक सुविधाएं, बढ़िया शॉपिंग और होटल हब, अच्छे स्कूल और हरे-भरे इलाके हैं, जो घर खरीदने वालों के लिए इसे पहली पसंद बनाते हैं. खासतौर पर सेक्टर 61, 65 और 66 में बढ़ती रुचि इस बात को साबित करती है कि GCER आधुनिक जीवनशैली और रियल एस्टेट के लिहाज से गुरुग्राम और इसके आसपास का इलाका एक मानक बन चुका है.



