
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
सोनभद्र।सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूरे जनपद में आस्था और उल्लास का वातावरण लेकर आया है। नहाय-खाय के साथ ही छठ पर्व की तैयारियाँ चरम पर हैं। ओबरा, रॉबर्ट्सगंज, दुद्धी, रेनुकूट और चोपन नगर पंचायत समेत पूरे जिले में घाटों की सफाई, सजावट और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और नगर निकाय पूरी तरह मुस्तैद हैं। छठ घाटों पर इस बार पहले से भी ज्यादा रौनक देखने को मिल रही है व्रती महिलाएं और श्रद्धालु परिवार छठ महापर्व की तैयारियों में जुटे हैं। जगह-जगह प्रसाद के लिए ठेकुआ, पूड़ी, फल और पूजा सामग्री की खरीदारी जोरों पर है। बाजारों में पूजा सामग्री की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य जैसे चरणों के साथ श्रद्धा और अनुशासन का अनुपम उदाहरण पेश करता है। सोनभद्र जिले में छठ पर्व का सबसे बड़ा आयोजन चोपन नगर पंचायत में देखने को मिलता है। यहां का घाट न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से प्रसिद्ध है बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। चोपन नगर और आसपास के कई गांवों के लोग यहां एकत्रित होकर सूर्य भगवान को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इस बार भी हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। चोपन का वृहद स्वरूप होने के पीछे एक खास वजह यह भी है कि यह नगर रेलवे का सबसे बड़ा हब है। सोनभद्र में कार्यरत रेलवे कर्मियों में बड़ी संख्या उन परिवारों की है जो बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से ताल्लुक रखते हैं। इसी वजह से चोपन में छठ पर्व का उत्सव एक बहुरंगी सांस्कृतिक समागम का रूप ले लेता है जहां बिहार की लोक परंपरा, भोजपुरी गीतों की मिठास और स्थानीय श्रद्धा का संगम एक अद्भुत दृश्य बनाता है छठ पर्व केवल पूजा-अर्चना का अवसर नहीं, बल्कि एकता, समानता और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला उत्सव है। इस दिन घाटों पर अमीर-गरीब, जाति-धर्म का कोई भेद नहीं रह जाता। सभी लोग एक साथ जल में उतरकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। श्रद्धालु भगवान सूर्य की दोनों पत्नियों उषा और प्रत्यूषा को जल समर्पित कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। प्रशासन ने जनपद के सभी प्रमुख घाटों पर सुरक्षा और व्यवस्था की पुख्ता तैयारियाँ की हैं। ओबरा, चोपन, रेनुकूट, दुद्धी और रॉबर्ट्सगंज के घाटों पर पुलिस बलों की विशेष तैनाती की जा रही है।
गोताखोरों, स्वास्थ्य विभाग की टीमों को लगाने के साथ ही चोपन सोन नदी को एक निश्चित दूरी के बाद बैरिगेटिंग किया गया हैं जहां खतरे का सांकेतिक बोर्ड लगाते हुए बताया जा रहा कि नदी में इसके आगे न जाएं पानी गहरा है। पूरे घाट पर रोशनी का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा जिसमें विभिन्न प्रकार से लाइटिंग की गई है।

