
विंध्य ज्योति संवाददाता राजन जायसवाल
कोन (सोनभद्र), नवसृजित ब्लॉक में मनरेगा के तहत हुए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की पोल एक बार फिर खुल गई है। ग्राम पंचायत कुड़वा में छठ घाट जाने वाले मार्ग पर बना रपटा और एक सोखता गड्डा निर्माण के कुछ ही महीनों बाद ध्वस्त हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, रपटा का निर्माण अक्टूबर 2024 में कराया गया था और उसी महीने इसका भुगतान भी हो गया। हालांकि, निर्माण के कुछ ही समय बाद यह एक तरफ से ढह गया। इसी तरह, सोखता गड्डा भी चंद महीनों में जगह-जगह से ध्वस्त हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि भुगतान होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने इन कार्यों पर ध्यान देना बंद कर दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि इस वर्ष सामान्य से अधिक बारिश होने के बावजूद अवरोधक में पानी नहीं ठहरा, जिससे स्पष्ट होता है कि निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया। इसके अलावा, निगरानी के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ।
यह कोन ब्लॉक में मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी तालाब में कोर वॉल का निर्माण कराया गया था, जो भुगतान से पहले ही गिर गया था। स्थानीय निवासी सुनील यादव सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि कोन ब्लॉक क्षेत्र में मनरेगा योजनाओं में खुलेआम कमीशनखोरी का खेल चल रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, ब्लॉक से लेकर संबंधित अधिकारी और ठेकेदारों की मिलीभगत से घटिया निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। जांच समितियां केवल औपचारिक दौरे कर खानापूर्ति करती हैं, जिससे दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।

