Last Updated:
Hardoi News : हरदोई पुलिस की जांच में सामने आया है कि इम्तियाज और असगर खुद को बाबा बताकर महिलाओं को बहकाते थे. वे टोने-टोटके, झाड़-फूंक के नाम पर महिलाओं को अपनी बातों में उलझाते और मौका देखकर उनसे गहने और नकदी…और पढ़ें

हरदोई पुलिस की जांच में सामने आया है कि इम्तियाज और असगर खुद को बाबा बताकर महिलाओं को बहकाते थे. वे टोने-टोटके, झाड़-फूंक के नाम पर महिलाओं को अपनी बातों में उलझाते और मौका देखकर उनसे गहने और नकदी लेकर फरार हो जाते थे. इसी दौरान दोनों आरोपियों ने 24 जून को माधौगंज थाना क्षेत्र के पूर्वी पटेलनगर में एक महिला से सोने के गहने और नकदी की ठगी की थी जबकि 23 जून को केवटी ख्वाजगीपुर गांव में एक अन्य महिला से चांदी की पायल लेकर फरार हो गए थे.
19 जुलाई को पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों ठग किसी वारदात की फिराक में हैं. सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एसएचओ विजय कुमार, उपनिरीक्षक बलराम सिंह और 10 सदस्यीय पुलिस टीम ने दोनों को धर दबोचा. पूछताछ में दोनों ने अपने अपराध कबूल किए और बताया कि वे एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं.
शातिर अपराधी है असगर
गिरफ्तार आरोपी असगर का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है. उसके खिलाफ रायबरेली और बस्ती जिलों में भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन्होंने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है.
कैसे खुला फर्जी बाबा का भेद?
हरदोई के माधौगंज थाने पर एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी. इस तहरीर में महिला ने बताया था कि कुछ लोगो ने बाबा का भेष बनाकर उसे अपनी बातों में उलझा लिया और उसकी एक जोड़ी पायल लेकर फरार हो गए. इस तहरीर के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की.
