राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, नगर बलिया की अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रियंका सिंह, जो मेडिसिन में MD और PhD हैं, उन्होंने गुलर के पेड़ के औषधीय गुणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है. डॉ. प्रियंका के मुताबिक, गुलर कई गंभीर बीमारियों में बेहद कारगर साबित हो सकता है, बस जरूरत है इसे सही तरीके से इस्तेमाल करने की.
आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. प्रियंका सिंह बताती हैं कि गुलर का पेड़ कई तरह की बीमारियों में बेहद फायदेमंद माना जाता है. खूनी बवासीर की समस्या में इसके दूध की 10 से 20 बूंदें पानी में मिलाकर पीने से काफी राहत मिलती है. इसके अलावा, रूई को गुलर के दूध में भिगोकर लगाने से भी आराम मिलता है.
• मुंह की समस्याओं में भी गुलर की छाल काफी असरदार मानी जाती है. इसकी छाल का काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से मुंह के छाले और घाव जल्दी ठीक हो जाते हैं.
• गुलर की पत्तियों और छाल से तैयार लेप सूजन, घाव और दर्द को जल्दी ठीक करने में मदद करता है. यह पारंपरिक तरीका ग्रामीण इलाकों में काफी समय से इस्तेमाल होता आ रहा है. डॉ. प्रियंका बताती हैं कि गुलर की जड़ भी औषधीय गुणों से भरपूर होती है. इसकी जड़ गर्भपात और गुप्त रोगों से बचाने में मदद करती है. साथ ही मान्यता है कि इसकी जड़ को हाथ में बांधने से वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.


