मऊ: अगर आप दिव्यांग हैं तो आपके लिए एक सुनहरा मौका है. राज्य सरकार ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की तरफ से इस साल राज्य स्तरीय पुरस्कारों की घोषणा की है. खास बात ये है कि इस बार पुरस्कार की राशि को बढ़ाकर 25,000 रुपए कर दिया गया है, जो पहले केवल 5,000 रुपए थी.
हर साल 3 दिसंबर को ‘विश्व दिव्यांग दिवस’ के मौके पर सरकार की ओर से ये सम्मान उन व्यक्तियों, संस्थाओं और अधिकारियों को दिया जाता है, जिन्होंने दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर बनाने में कोई अहम योगदान दिया हो या किसी भी रूप में प्रेरणादायक कार्य किया हो.
12 अलग-अलग श्रेणियों में दिया जाएगा सम्मान
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी रश्मि मिश्रा ने लोकल18 को जानकारी दी कि इस बार 12 श्रेणियों में राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए जाएंगे. इन श्रेणियों में वे लोग, संस्थाएं और अधिकारी शामिल हो सकते हैं, जो दिव्यांगजन से जुड़ी सेवाओं, सुविधाओं या सामाजिक बदलाव के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर रहे हैं.
दक्ष दिव्यांग कर्मचारी / स्वनियोजित दिव्यांगजन
दिव्यांगजनों के लिए सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता
सर्वश्रेष्ठ प्लेसमेंट अधिकारी या एजेंसी
दिव्यांगों के लिए कार्यरत सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति
दिव्यांग हित में कार्यरत सर्वश्रेष्ठ संस्था
प्रेरणास्त्रोत दिव्यांग व्यक्ति के लिए पुरस्कार
नवीन अनुसंधान या उत्पाद विकास के लिए पुरस्कार
बाधा मुक्त वातावरण के निर्माण हेतु सर्वश्रेष्ठ कार्य
पुनर्वास सेवाएं देने वाले सर्वश्रेष्ठ जिला को पुरस्कार
सर्वश्रेष्ठ ब्रेल प्रेस
सृजनशील दिव्यांग वयस्क या बालक/बालिका
दिव्यांगजनों के लिए सर्वोत्तम अनुकूल वेबसाइट और सशक्तीकरण में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी
आवेदन की अंतिम तारीख 20 जुलाई
अगर आप इनमें से किसी श्रेणी में पात्रता रखते हैं या आपके पास किसी को नामित करने का कारण है, तो आप 20 जुलाई, 2025 तक अपना आवेदन अपने जिले के दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यालय में जमा कर सकते हैं. आवेदन के साथ संबंधित प्रमाण पत्र और दस्तावेज़ देना जरूरी होगा.
प्रत्येक आवेदन की जांच राज्य स्तर पर की जाएगी और पात्र व्यक्तियों या संस्थाओं को 3 दिसंबर को सम्मानित किया जाएगा. इस पुरस्कार से न केवल मान्यता मिलती है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए यह एक प्रेरणा भी बनती है.
राज्य सरकार की यह पहल दिव्यांगजनों के प्रति सामाजिक जागरूकता, सम्मान और समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जाती है. इससे न सिर्फ दिव्यांगजन आगे बढ़ते हैं, बल्कि जो लोग उनके लिए काम कर रहे हैं, उन्हें भी प्रोत्साहन मिलता है.



