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Israel-Iran War : इजराइल-ईरान युद्ध के बीच बाराबंकी के 24 युवक बंकरों में शरण लिए हुए हैं. भीषण युद्ध के बीच मजदूरों के परिजन वीडियो कॉल पर संपर्क में हैं. युवकों ने बताया कि सायरन की आवाज सुनकर उनका दिल कांप …और पढ़ें
हाइलाइट्स
- इजराइल-ईरान युद्ध में बाराबंकी के 24 युवक फंसे हैं.
- युवक बंकरों में शरण लिए हुए हैं, खाने-पीने की व्यवस्था है.
- सायरन की आवाज सुनकर दिल कांप उठता है, परिजन चिंतित हैं.
बाराबंकी : इजराइल और ईरान के बीच इन दिनों भीषण युद्ध जारी है. इजराइल ने सोमवार शाम को को सेंट्रल ईरान पर फिर से एयरस्ट्राइक की. पिछले 4 दिनों के दौरान ईरान में 224 लोग इजराइली हमलों से मारे गए हैं. वहीं ईरान भी इजराइल पर लगातार जवाबी हमला कर रहा है. ईरानी सेना ने इजराइल में कई जगहों पर मिसाइलें दागीं. इसमें 8 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हैं. ये पिछले 4 दिनों में इजराइल में ईरान का यह सबसे बड़ा हमला है. सूत्रों के अनुसार ईरानी हमलों से इजराइल में अब तक 24 लोग मारे गए हैं, जबकि 600 से ज्यादा घायल हैं.
इजराइल का सुरक्षा कवच बहुत मज़बूत
वीडियो कॉल पर इजराइल में रह रहे मोनू सिंह ने बताया कि वह जिस इलाके में रह रहे हैं, वहां लगातार मिसाइल हमले हो रहे हैं. जब भी कोई बम या मिसाइल इधर आती है, तो सायरन बजता है और सभी को तुरंत बंकर में जाना पड़ता है. हालांकि इजराइल का सुरक्षा कवच बहुत मज़बूत है, अधिकतर मिसाइलें हवा में ही नष्ट कर दी जाती हैं, इसलिए डर कम महसूस होता है. गौरतलब है कि मोनू सिंह करीब 11 महीने पहले इजराइल गए थे.
वहीं, इजराइल में रह रहे बबलू सिंह से जब वीडियो कॉल पर बात हुई तो उसी वक्त वहां सायरन बजने लगा. कॉल के दौरान उन्होंने बाहर का नजारा दिखाया, जहां दूर-दूर तक सन्नाटा दिख रहा था. बबलू ने बताया कि सायरन बजते ही सभी लोग बंकरों में चले जाते हैं, जहां खाने-पीने की व्यवस्था मौजूद है. उन्होंने कहा कि खतरे के बावजूद इजराइल की तैयारी के कारण वे सुरक्षित महसूस करते हैं. बबलू करीब 14 महीने पहले इजराइल गए थे.
सायरन की आवाज सुनकर कांप उठता है दिल
मजदूरों के परिजनों ने बताया कि टीवी और पेपर में ईरान-इजराइल युद्ध की खबरें और वीडियो आने के बाद से वे लगातार अपनों से संपर्क में हैं, लेकिन बातचीत के दौरान ही सायरन की आवाज सुनकर दिल कांप उठता है. बबलू सिंह के भाई सबलू सिंह ने बताया कि इजराइल सरकार सबको बंकरों में सुरक्षित रख रही है, खाने-पीने की भी कोई कमी नहीं है, इसलिए फिलहाल डर की बात नहीं है.
फिलहाल बंद है कारखानों में काम
जानकारी के अनुसार बाराबंकी जिले से पिछले साल करीब 500 से अधिक श्रमिक इजराइल गए थे, जिनमें अधिकांश लोग देवा व जिले के अन्य इलाकों से हैं. फिलहाल सभी भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं और इजरायली सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि युद्ध के कारण इजराइल के कारखानों में काम बंद है और अधिकतर लोग बंकरों में शरण लिए हुए हैं.



