नई दिल्ली. भारतीय बैडमिंटन की स्टार पीवी सिंधू ने शानदा प्रदर्शन कर फ्रेंच ओपन के फाइनल में जगह बना ली है जहां उनका सामना वर्ल्ड नंबर वन से होगा. सेमीफाइनल मुकाबले में सिंधू ने जापान की युवा खिलाड़ी हिना अकेची को शिकस्त देकर खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की की. यह इस साल का दूसरा मौका है जब सिंधू किसी सुपर 750 टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं. इससे पहले उन्होंने जुलाई में शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान ओपन सुपर 750 का खिताब अपने नाम किया था.
यह मुकाबला बेहद कड़ा और रोमांचक रहा, जो तीन गेम तक चला. भारतीय स्टार ने अकेची को 21-10, 20-22, 21-16 से मात दी. यह मुकाबला पूरे एक घंटे और 13 मिनट तक चला, जिसमें दोनों खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन कोर्ट विजन, फिटनेस और मानसिक दृढ़ता का परिचय देखने को मिला.
अकेची का शानदार प्रदर्शन और सिंधू का अनुभव
विश्व रैंकिंग में 22वें स्थान पर काबिज 21 वर्षीय जापानी खिलाड़ी हिना अकेची ने इस पूरे टूर्नामेंट में अपने बेहतरीन प्रदर्शन से सबको चौंकाया था. सेमीफाइनल तक के सफर में उन्होंने वांग झी यी और पुतरी कुसुमा वारदानी जैसी दिग्गज खिलाड़ियों को हराकर अपनी क्षमता साबित की थी. इस मैच में भी अकेची ने अपने चतुराई भरे शॉट और मजबूत रक्षात्मक खेल से सिंधू को अच्छी खासी चुनौती दी, लेकिन निर्णायक क्षणों में भारतीय खिलाड़ी ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल करते हुए संयम बनाए रखा और जीत अपने नाम की.
गेम-दर-गेम रोमांचक उतार-चढ़ाव
पहला गेम: मुकाबले की शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली. स्कोर 4-4 और फिर 8-8 की बराबरी पर पहुंचा. इसके बाद सिंधू ने अपनी लय हासिल करते हुए ब्रेक तक 11-9 की बढ़त बना ली. ब्रेक के बाद भारतीय खिलाड़ी ने मैदान पर पूरी तरह अपना दबदबा कायम कर लिया और अंतिम 12 में से 11 अंक झटकते हुए महज 18 मिनट में पहला गेम 21-10 से अपने नाम कर लिया.
दूसरा गेम: पूर्व विश्व चैंपियन सिंधू को दूसरे गेम की शुरुआत में चार अंकों से पिछड़ना पड़ा, लेकिन उन्होंने तुरंत खेल की रफ्तार बढ़ाई और स्कोर 7-7 से बराबर कर लिया. 10-10 की बराबरी के बाद अकेची ने बढ़त बनानी शुरू की. विश्व रैंकिंग में 11वें स्थान पर मौजूद सिंधू ने हार नहीं मानी और क्रॉस-कोर्ट स्मैश तथा चतुराई भरे रिटर्न से स्कोर 14-14 और फिर 16-16 से बराबर किया. जापानी खिलाड़ी ने गेम प्वाइंट हासिल किया, जिसे सिंधू ने लंबी रैली के बाद 20-20 पर लाकर बचाया. हालांकि, अंत में अकेची ने लगातार दबाव बनाते हुए 22-20 से दूसरा गेम जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया.
निर्णायक और तीसरा गेम: अंतिम गेम में सिंधू ने 5-3 की बढ़त के साथ अच्छी शुरुआत की, लेकिन अकेची ने शानदार वापसी करते हुए 6-5 की बढ़त बना ली. इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने खेल का नियंत्रण फिर से अपने हाथ में लिया और मध्यांतर तक बढ़त बनाए रखी. क्रॉस-कोर्ट रिटर्न और शानदार नेट शॉट के जरिए सिंधू ने स्कोर आगे बढ़ाया, लेकिन अकेची ने भी ताकतवर स्मैश के दम पर स्कोर 15-15 की बराबरी पर ला दिया.
मैच का निर्णायक मोड़ और 38 शॉट की मैराथन रैली
इस कड़े मुकाबले का सबसे रोमांचक और निर्णायक मोड़ वह क्षण था जब दोनों के बीच 38 शॉट तक चली एक लंबी रैली हुई. इस मैराथन रैली का अंत अकेची की एक गलती के साथ हुआ, जिससे सिंधू को महत्वपूर्ण 18-16 की बढ़त मिल गई.
जीत का अंतिम क्षण और फाइनल की चुनौती
इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने बेहतरीन नेट शॉट और सटीक रिटर्न के जरिए जीत की दिशा में कदम बढ़ाए. अकेची के शॉट बाहर जाने पर सिंधू को चार मैच प्वाइंट मिले, और उन्होंने एक शानदार क्रॉस-कोर्ट स्मैश लगाकर इस यादगार मुकाबले को अपने नाम कर लिया.
अब खिताबी मुकाबले में पीवी सिंधू के सामने दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर एक खिलाड़ी आन से यंग की कठिन चुनौती होगी. फैंस को उम्मीद है कि सिंधू अपने इस बेहतरीन फॉर्म को फाइनल में भी जारी रखेंगी और देश के लिए एक और प्रतिष्ठित खिताब जीतकर इतिहास रचेंगी.


