कारोबारी के मुताबिक 3 सितंबर तक वह करीब 96 लाख रुपए का निवेश कर चुके थे और आरोपियों के बताए ऐप में उनके निवेश पर मुनाफा जोड़कर करीब एक करोड़ 90 लाख रुपए की रकम दिखाई जा रही थी।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शेयर ट्रेडिंग के जरिए मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक प्रॉपर्टी कारोबारी से करीब 96 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने कारोबारी को इंस्टाग्राम पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ी रील देखने के बाद वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा और फिर निवेश के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई।
पीड़ित की पहचान शंकर नगर निवासी प्रॉपर्टी कारोबारी विशाल बरड़िया के रूप में हुई है, जिन्होंने खम्हारडीह थाने को दी अपनी शिकायत में बताया कि आठ अगस्त को उन्हें एक महिला के नाम से संचालित मोबाइल नंबर के जरिए ‘GL 632-NAM एलीट कनेक्ट प्लेटफॉर्म’ नामक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया था। आरोपियों ने इसे नुवामा ट्रेडिंग एंड एसेट मैनेजमेंट कंपनी का प्लेटफॉर्म बताया, जबकि ग्रुप एडमिन खुद को प्रोफेसर बताता था।
दोपहर को शेयर खरीदने का कहते, अगले दिन बिकवा देते
शिकायत के अनुसार उस वॉट्सऐप ग्रुप में हर दिन दोपहर 2:30 बजे किसी कंपनी के शेयर खरीदने का मैसेज भेजा जाता था और अगले दिन सुबह 9:15 बजे शेयर का भाव बढ़ने पर उसे बेचने के निर्देश दिए जाते थे। पीड़ित कारोबारी का ट्रेडिंग रजिस्ट्रेशन 12 अगस्त को कराया गया था और उन्होंने 13 अगस्त से निवेश करना शुरू कर दिया।
मुनाफा समेत ऐप में दिख रही थी 1.9 करोड़ रुपए की रकम
कारोबारी के मुताबिक उन्होंने अगस्त के अंत तक ऐप के जरिए करीब 96 लाख रुपए का निवेश किया था। इस दौरान आरोपियों के बताए ऐप में उनके निवेश पर मुनाफा जोड़कर करीब एक करोड़ 90 लाख रुपए की रकम दिखाई जा रही थी। इसी दौरान 28 अगस्त को उन्होंने अपने खाते से 80 लाख रुपए निकालने का अनुरोध किया।
पैसा निकालने को कहा तो आरोपी बोले हमने IPO में लगा दिया
इसके बाद आरोपियों ने उन्हें बताया कि कंपनी ने उनके ऐप अकाउंट में जमा पैसों को एक IPO में लगा दिया था, और करीब 14.40 लाख शेयर खरीदने का दावा किया। कंपनी ने बरड़िया की अनुमति के बिना खरीदे गए इन शेयरों की कीमत करीब 3.60 करोड़ रुपए बताई गई और कारोबारी के ऐप खाते में मौजूद करीब 1.89 करोड़ रुपए फ्रीज कर दिए गए।
पैसा निकालने के लिए डेढ़ करोड़ रुपए जमा करने का दबाव डाला
आरोपियों ने कारोबारी से कहा कि रकम निकालने के लिए उन्हें अपने ऐप खाते में 3.60 करोड़ रुपए जमा दिखाने होंगे और बाकी की रकम को पूरा करने के लिए उन्होंने पीड़ित को 1.50 करोड़ रुपए का लोन दिलाने का ऑफर भी दिया। आरोपियों ने यह दावा भी किया कि शेष रकम जमा करने पर उनका मुनाफा बढ़कर 18.74 करोड़ रुपए हो जाएगा।
बार-बार पैसे जमा करने का कहने के बाद आरोपियों पर हुआ शक
लगातार अतिरिक्त रकम की मांग किए जाने पर कारोबारी को ठगी का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा दी और संबंधित बैंक को भी इसकी सूचना दे दी। शिकायत में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने, संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराने और ठगी की रकम वापस दिलाने की मांग की गई है। कारोबारी के अनुसार रकम लेने के बाद आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया।



