लखनऊः उत्तर प्रदेश की सियासत में चाहे कितनी भी विकास की बात हो. लेकिन जब चुनाव आता है तो सारी बातें जाति पर आकर अटक जाती हैं और अटके भी क्योंन आखिरकार अंत में जातीय समीकरण ही तो चुनावी नतीजों की दिशा तय करता है. ऐसे में सभी जातियों की राजनीतिक महत्वता को जानना बहुत ही जरूरी है. क्योंकि किसी भी जाति की अनदेखी या उसे हल्के में लेना राजनीतिक दलों को भारी पड़ सकता है. इसलिए आज हम आपको उन सीटों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां क्षत्रिय मतदाताओं का दबदबा है. जहां वह एकतरफ नतीजा तय करते हैं.
यूपी की सियासत में क्या है क्षत्रिय वोटर्स की गणित
वैसे देखा जाए तो पश्चिमी यूपी में राजपूतों की मौजूदगी काफी ज्यादा है, जहां के विधानसभा क्षेत्रों के चुनावी गणित में सीधा प्रभावित करती हैं. गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, कैरान, बिजनौर, अमरोहा, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा जैसे जिलों में क्षत्रिय मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. हालांकि सवाल यह नहीं है कि यूपी में क्षत्रियों की संख्या कितनी है. मुख्य सवाल यह है कि किन विधानसभा सीटों पर उनका वोट इतना प्रभावशाली है कि उम्मीदवार की जीत-हार बदल सकती है. कहां वे किसी बड़े सामाजिक गठजोड़ का हिस्सा बनकर चुनावी ताकत बढ़ाते हैं. पश्चिमी यूपी की 71 सीटों में राजपूतों के साथ जाट, गुर्जर, ब्राह्मण और दलित जैसे प्रभावशाली सामाजिक समूहों का समीकरण चुनाव को और दिलचस्प बनाता है.
| विधानसभा सीट | इलाका | क्षत्रिय असर |
|---|---|---|
| धौलाना | हापुड़ | ⭐⭐⭐⭐⭐ |
| सिकंदराबाद | बुलंदशहर | ⭐⭐⭐⭐⭐ |
| स्याना | बुलंदशहर | ⭐⭐⭐⭐½ |
| गढ़मुक्तेश्वर | हापुड़ | ⭐⭐⭐⭐½ |
| लोनी | गाजियाबाद | ⭐⭐⭐⭐ |
| मोदीनगर | गाजियाबाद | ⭐⭐⭐⭐ |
| मेरठ कैंट | मेरठ | ⭐⭐⭐⭐ |
| सरधना | मेरठ | ⭐⭐⭐⭐ |
| किठौर | मेरठ | ⭐⭐⭐⭐ |
| नकुड़ | सहारनपुर | ⭐⭐⭐⭐ |
| देवबंद | सहारनपुर | ⭐⭐⭐⭐ |
| गंगोह | सहारनपुर | ⭐⭐⭐⭐ |
| थानाभवन | शामली | ⭐⭐⭐⭐ |
| बुढ़ाना | मुजफ्फरनगर | ⭐⭐⭐⭐ |
| खतौली | मुजफ्फरनगर | ⭐⭐⭐⭐ |
| बिजनौर | बिजनौर | ⭐⭐⭐⭐ |
अब बात करते हैं बी कैटेगरी की, जहां क्षत्रिय वोट सीधा मुकाबला बदल सकता है. इन सीटों पर राजपूत इतना बड़ा या संगठित है कि बीजेपी, एसपी या बीएसपी के बीच करीबी मुकाबले में यह निर्णायक साबित हो सकता है.
हापुड़
पिलखुवा/धौलाना बेल्ट
दादरी
जेवर
खुर्जा
बुलंदशहर
स्याना
शिकारपुर
मेरठ दक्षिण
मेरठ
सरधना
किठौर
मीरापुर
बुढ़ाना
खतौली
मुजफ्फरनगर
नकुड़
देवबंद
गंगोह
बेहट
शामली
थानाभवन
कैराना
बिजनौर
चांदपुर
वहीं अब बात करते हैं सी कैटेगरी का, जहां राजपूत किंगमेकर हो सकता है. इन सीटों पर 5 से 10 प्रतिशत की संख्या में राजपूत वोटर्स हैं.
अवध/मध्य यूपी
अयोध्या
मिल्कीपुर
बीकापुर
सुल्तानपुर
लंभुआ
इसौली
प्रतापगढ़
रानीगंज
रायबरेली सदर
ऊंचाहार
हरचंदपुर
पूर्वांचल
चिल्लूपार
सहजनवां
गोरखपुर ग्रामीण
पिपराइच
बांसगांव क्षेत्र की कुछ सीटें
देवरिया सदर
बरहज
रुद्रपुर
नोटः इस खबर में दी गई जानकारी अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स और एआई से ली गई है.



