इंदौर में बुलडोजर ऐक्शन के दौरान एडिशनल डीसीपी को एक युवक ने धक्का दे दिया। इसके बाद पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया और विरोध के बावजूद नाले किनारे बने कई अवैध निर्माण तोड़ दिए।
इंदौर के साउथ तोड़ा इलाके में बुधवार को नगर निगम के बुलडोजर ऐक्शन के दौरान बवाल हो गया। भीड़ को हटाने के दौरान एक युवक ने एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल को धक्का दे दिया। इससे वह जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति संभाली और हंगामा कर रहे लोगों को खदेड़ दिया। पुलिस ने मौके से 6 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने इन सभी पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
बुधवार सुबह करीब 8 बजे साउथ तोड़ा में नगर निगम की टीम पहुंची तो वहां हड़कंप मच गया। रावला स्थित श्रीगौड़ विद्या मंदिर से जवाहर मार्ग जाने वाली सड़क को साफ कराने के लिए निगम ने नाले के पास बनी दुकानों, मकानों और कारखानों पर कार्रवाई शुरू की। पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। बुलडोजर ऐक्शन के विरोध में स्थानीय लोग और महिलाएं जमा हो गईं। जल्द ही विरोध हंगामे में बदल गया।
पुलिस जब भीड़ को पीछे हटा रही थी तभी एक युवक ने एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल को धक्का दे दिया। इससे वह गिर गए। इसके बाद पुलिसकर्मी भड़क गए। पुलिसकर्मियों ने मौके पर ही चार आरोपी युवकों को दबोच लिया। सभी को रावजी बाजार थाने भेज दिया।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई। दो दिन पहले ही लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। इससे पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी। इसके बावजूद नाले के किनारे कारखाने और गोदाम लगातार बढ़ते गए। बुधवार को कार्रवाई के लिए एसडीएम घनश्याम धनगर, कई तहसीलदार, नगर निगम के अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
महिलाओं के विरोध से निपटने के लिए महिला पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया था। साउथ तोड़ा में नाले के किनारे लंबे समय से अवैध कब्जे और कारखाने चल रहे थे। इलाके में पलंग, अलमारी और लोहे का सामान बनाने का काम होता था। कारखानों का सामान सड़क तक फैल जाता था, जिससे जाम लग जाता था। ऐसे करीब 45 से 50 अवैध कब्जों को चिह्नित किया गया था।
टीम के पहुंचते ही अफरातफरी मच गई। लोग अपना सामान बचाने और बाहर निकालने में लग गए। कुछ लोगों ने तोड़फोड़ रोकने के लिए अधिकारियों से बहस की। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया। कार्रवाई के दौरान निगम की टीम को भारी मशीनों की वजह से दिक्कत आई। कई कारखानों में क्विंटल वजनी लोहे की मशीनें लगी थीं, जिन्हें निकालना मुश्किल था।
टीम ने मशीनों के आसपास की दीवारों और निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया, जिससे ढांचा गिर गया और भारी मशीनें अंदर ही रह गईं। कार्रवाई के बाद पूरी सड़क का नजारा बदल गया। सड़क पर लोहे की चादरें, टूटे दरवाजे, सामान और मलबा बिखर गया। पूरी कार्रवाई के दौरान कई बार अधिकारियों और लोगों के बीच बहस हुई, लेकिन भारी पुलिस बल की वजह से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और कार्रवाई जारी रही।



