मध्य प्रदेश के इंदौर में सड़क किनारे ठेला लगाने वाले एक शख्स और उसके साथ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन दोनों का कनेक्शन देशभर में फैले पांच करोड़ रुपए के साइबर ठगी नेटवर्क में सामने आया है।
मध्य प्रदेश के इंदौर में सड़क किनारे ठेला लगाने वाला एक युवक और निजी नौकरी करने वाला उसका साथी। बाहर से सामान्य नजर आने वाले इन दोनों आरोपियों का कनेक्शन देशभर में फैले पांच करोड़ रुपए के साइबर ठगी नेटवर्क से सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स’ के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों से जुड़े बैंक खाते के जरिए 13 से ज्यादा राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित दर्जनों शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड, 10 पासबुक और 11 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में इनके अलावा और कितने लोग शामिल हैं।
एक खाते में पांच करोड़ से ज्यादा का संदिग्ध लेन-देन
क्राइम ब्रांच डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, जांच की शुरुआत यूको बैंक की महू शाखा के एक संदिग्ध म्यूल बैंक खाते से हुई। साइबर अपराध से जुड़े डेटा की जांच में पता चला कि इस खाते से तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तराखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, झारखंड, गोवा, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों का कनेक्शन सामने आया।
पुलिस के मुताबिक खाते में पांच करोड़ रुपए से अधिक का संदिग्ध लेन-देन पाया गया। इतनी बड़ी रकम का ट्रांजेक्शन सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच ने खाते से जुड़े लोगों की तलाश शुरू की।
बैंक खाता और OTP सौंपकर बन गया ‘म्यूल’
जांच में सामने आया कि दीपक राव ने अपना बैंक खाता म्यूल खाते के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराया था। इतना ही नहीं, बैंक खाते से लिंक उसका सिमकार्ड भी गौरव राठौर को दिया गया था, ताकि बैंकिंग लेन-देन से जुड़े OTP उसके पास पहुंच सकें।
पुलिस का आरोप है कि दोनों ने संगठित तरीके से बैंक खाते और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड के नेटवर्क को मदद पहुंचाई। खाते में आने वाली संदिग्ध रकम और उसके लेन-देन की कड़ियां अब जांच का मुख्य हिस्सा हैं।
ठेला लगाता है दीपक, गौरव करता है निजी नौकरी
गिरफ्तार आरोपी दीपक राव निवासी महू 12वीं तक पढ़ा है और ठेला लगाता है। वहीं दूसरा आरोपी गौरव राठौर निवासी लसूड़िया बीकॉम तक शिक्षित है और प्राइवेट नौकरी करता है।पुलिस के मुताबिक दोनों की सामान्य आय के बावजूद उनके बैंक खातों से जुड़े करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेन-देन ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया है।
13 से ज्यादा राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच
क्राइम ब्रांच अब केवल दोनों आरोपियों की भूमिका तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि म्यूल खातों का इस्तेमाल करवाने वाला मुख्य नेटवर्क कौन चला रहा था और देशभर में ठगी की रकम को किस तरह अलग-अलग खातों में घुमाया जाता था।
रिपोर्ट- हेमंत



