जमीन बेचने के विवाद में दामाद ने ससुर की हत्या कर डाली। आधी रात को चादर में लाश ठिकाने लगाने के लिए निकले दामाद के प्लान पर गश्त कर रही पुलिस ने पानी फेर दिया।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में करीब एक करोड़ रुपए की जमीन बेचने से मिली रकम को लेकर चल रहे विवाद में दामाद ने ससुर की हत्या करने का मामला सोमवार को सामने आया। पुलिस ने इस मामले में मृतक के बड़े दामाद हेमराज निषाद सहित उसके चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आज यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान पठारीडीह निवासी मोहन निषाद के रूप में हुई है। मोहन ने हाल ही में करीब एक करोड़ रुपए की जमीन बेची थी। जमीन की रकम में हिस्से अथवा पैसों की मांग को लेकर उसका अपने बड़े दामाद हेमराज निषाद से विवाद चल रहा था। पिछले महीने भी दोनों के बीच इसी बात को लेकर विवाद होने की जानकारी सामने आई है।
शराब पार्टी के दौरान फिर झगड़ा
पुलिस के मुताबिक तीन सितंबर, 2026 की रात मोहन ने हेमराज को पार्टी के लिए बुलाया था। शराब पीने के दौरान जमीन की रकम को लेकर दोनों के बीच फिर विवाद हो गया। आरोप है कि इसी दौरान हेमराज ने जीआई तार से मोहन का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
चादर में लपेटकर रखा शव
हत्या के बाद हेमराज ने अपने चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद की मदद से शव को चादर में लपेटकर टाटा मैजिक में रखा। पुलिस के अनुसार आरोपियों की योजना शव को खारुन नदी में फेंककर हत्या के सबूत मिटाने की थी।
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब चार सितंबर की रात करीब 1:15 बजे धरसीवां थाना पुलिस की टीम रायपुर-बिलासपुर रोड स्थित परसतराई इलाके में नहर पुलिया के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान सामने से आ रहे टाटा मैजिक को पुलिस ने रोकने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसे पीछे लेना शुरू कर दिया।
बाइक सवार आगे निकले थे पुलिस को हुआ शक
पूछताछ में चालक ने खुद को रावाभाठा का निवासी बताते हुए वाहन के बुकिंग में चलने की बात कही। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था। इसी दौरान बाइक से दो युवक मौके पर पहुंचे, जिनमें से एक ने खुद को रावाभाठा का जिला अध्यक्ष बताया। दोनों बाइक सवार वहां से आगे निकल गए।
वाहन छोड़कर भागा
शक बढ़ने पर पुलिस ने मुरेठी रोड की ओर पेट्रोलिंग वाहन खड़ा कर रास्ता रोकने का प्रयास किया। इस पर चालक टाटा मैजिक को तेज रफ्तार से परसतराई बस्ती की ओर ले गया। पुलिस ने पीछा किया तो शीतला मंदिर के पास चालक और उसका साथी वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेतों की ओर भाग निकले।
तलाशी ली तो चादर में मिला शव
पुलिस ने टाटा मैजिक की तलाशी ली तो अंदर चादर में बंधा शव मिला, जिसका एक पैर बाहर दिखाई दे रहा था। चादर खोलने पर एक व्यक्ति का शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी भेजा और पहचान तथा आरोपियों की तलाश शुरू की।
मोबाइल नंबर ने आरोपियों तक पहुंचाया
वाहन पर लिखे मोबाइल नंबर की जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला। यह नंबर रावाभाठा निवासी संजय उर्फ मोरध्वज चौहान से जुड़ा मिला। इसके आधार पर आगे की जांच में मृतक की पहचान मोहन निषाद के रूप में हुई और जमीन की रकम को लेकर चल रहे विवाद की जानकारी सामने आई।
मुख्य आरोपी ने कर दिया सरेंडर
पुलिस के अनुसार वाहन पकड़े जाने के बाद आरोपी मौके से फरार होकर बस से बिलासपुर पहुंचे और रतनपुर में छिप गए थे। पुलिस की तलाश और बढ़ते दबाव के बीच मुख्य आरोपी हेमराज निषाद ने सरेंडर कर दिया। इसके बाद उसके चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले में आगे की जांच जारी
पुलिस ने आज खुलासा करते हुए बताया कि हत्या की मूल वारदात उरला थाना क्षेत्र में हुई थी। इसके चलते धरसीवां पुलिस ने तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उरला पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने के साथ मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।



