मध्य प्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई 25 वर्षीय कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले के बीच हुई है।
मध्य प्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। ‘तुमने अपनी 22 साल की बहन को प्रेग्नेंट करवा दिया’- जैसी बेहूदगी भरी बात कहने वाले अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को उनके पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब अस्पताल में इलाज के दौरान 25 वर्षीय कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें अस्पताल के अधीक्षक कथित तौर पर महिला के परिजनों से बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करते सुनाई दे रहे थे।
‘तुमने अपनी 22 साल की बहन को प्रेग्नेंट करवा दिया’
विवाद की शुरुआत उस वीडियो से हुई, जिसमें डॉ. राहुल मिश्रा अस्पताल में इलाज के दौरान जान गंवाने वाली कल्पना मिश्रा के परिवार से बात करते नजर आए। वीडियो में वह कथित तौर पर परिवार के एक सदस्य से कहते सुनाई दे रहे हैं, ‘तुमने अपनी 22 साल की बहन को प्रेग्नेंट करवा दिया।’ परिवार अस्पताल में महिला के इलाज और उसकी मौत को लेकर सवाल कर रहा था।
वीडियो सामने आने के बाद डॉ. मिश्रा की टिप्पणी की काफी आलोचना हुई। उन्होंने बाद में अपने बयान के लिए माफी भी मांगी। उनका कहना था कि उनकी बात का वह मतलब नहीं था, जिस तरह से उसे पेश किया जा रहा है। उन्होंने महिला के परिवार के प्रति संवेदना भी जताई।
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मामले को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अस्पताल अधीक्षक को बचा रही है। पटवारी ने यह भी दावा किया कि डॉ. राहुल मिश्रा के स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला से संबंध हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि विवाद सामने आने के बाद भी डॉ. मिश्रा को पद पर क्यों बनाए रखा गया।
C-section के बाद बिगड़ी थी कल्पना की हालत
कल्पना मिश्रा रीवा जिले के हटवा गांव की रहने वाली थीं। उन्हें 25 अगस्त की रात संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 26 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे उनका सी-सेक्शन किया गया। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। नवजात बच्चा भी नहीं बच सका।
परिवार ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार डॉक्टरों से कल्पना की हालत देखने और बेहतर निगरानी करने की अपील की थी, लेकिन पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
मौत से पहले का वीडियो भी आया सामने
कल्पना की मौत से कुछ घंटे पहले का एक वीडियो भी सामने आया था। इसमें वह परिवार से उन्हें अस्पताल से घर ले जाने की गुहार लगाती सुनाई दे रही थीं। वह कथित तौर पर कह रही थीं कि अगर इसी तरह का इलाज चलता रहा तो अस्पताल के लोग उन्हें मार देंगे और उनकी जान खतरे में है।
कल्पना के पिता रामशरण मिश्रा ने कहा कि उनकी बेटी उनकी इकलौती संतान थी। उन्होंने पुलिस से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर तथा स्टाफ को निलंबित करने की मांग की है।
डॉक्टर ने लापरवाही के आरोपों से किया इनकार
डॉ. राहुल मिश्रा ने इलाज में लापरवाही के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि कल्पना की गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त जांच नहीं हुई थी। उनके मुताबिक, प्रोटोकॉल के अनुसार गर्भवती महिला की कम से कम आठ बार जांच होनी चाहिए, जबकि कल्पना की निजी अस्पताल में सिर्फ दो बार जांच हुई थी।
उन्होंने बताया था कि कल्पना का ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ गया था, जिसके बाद वह बेहोश हो गईं। मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है। डॉक्टर के मुताबिक, दो नर्सिंग अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। उन्होंने कहा था कि जांच पूरी होने के बाद जिस किसी की भी जिम्मेदारी सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



