Testicles worth 6 crore, story behind the viral claim: सोशल मीडिया पर वायरल रील में इंसानी अंडकोष की कीमत 6 करोड़ रुपये बताई गई। इसे सच मानकर भोपाल के BBA छात्र ने एक नाबालिग की हत्या कर दी। जानिए इस दावे की असली कहानी क्या है और इसका कनेक्शन अमेरिका के एक पुराने मेडिकल केस से कैसे जुड़ा है।
Testicles worth 6 crore, story behind the viral claim: सोशल मीडिया पर एक रील वायरल हुई, जिसमें इंसानी अंडकोष की कीमत 6 करोड़ रुपये बताई गई। मध्य प्रदेश के भोपाल में BBA के छात्र ने रील देखी और करोड़पति बनने की सनक में नाबालिग लड़के को मौत के घाट उतार दिया। गैंग के लड़कों ने मृतक के शरीर से निकाले गए अंडकोष को कुछ दिन अपने पास रखा, लेकिन जब खरीदार नहीं मिला, तो उसे नहर में फेंक दिया। अब सवाल है- क्या इंसानी अंडकोष की सच में इतना महंगा बिकता है? अगर नहीं तो फिर करोड़ों रुपये में बिकने वाले दावे की शुरूआत कैसे हुई?
दरअसल, इस दावे के तार अमेरिका की एक पुरानी घटना से जुड़े हैं। 2013 का साल था। एक मरीज अपने अंडकोष में हो रहे दर्द को अस्पताल में दिखाने पहुंचा, लेकिन वहां डॉक्टरों ने कुछ ऐसा कांड किया कि उसके लेने के देने पड़ गए। आखिर में मुआवजे के तौर पर मरीज को लाखों डॉलर मिले थे। यही कहानी भारत में तोड़-मरोड़कर पेश की गई, जिसका अंत एक पढ़े-लिखे नौजवान द्वारा हत्या के रूप में सामने आया। जानिए पूरी वायरल दावे के पीछे की पूरी कहानी।
डॉक्टर ने खराब अंडकोष के बदले स्वस्थ निकाल दिया
सीबीसी न्यूज के मुताबिक, अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में Steven Haines नाम के 54 वर्षीय व्यक्ति को लंबे समय से दाहिने अंडकोष में दर्द था। वह करीब 15 सालों से इस परेशानी से जूझ रहे थे। जांच में पता चला कि चोट के कारण उनका दाहिना अंडकोष क्षतिग्रस्त और सिकुड़ चुका था। डॉक्टरों ने दर्द से राहत दिलाने के लिए उसे सर्जरी के जरिए निकालने का फैसला किया। इस प्रक्रिया को orchiectomy कहा जाता है।
साल 2013 में Steven की सर्जरी पेंसिल्वेनिया के Huntingdon स्थित J.C. Blair Memorial Hospital में हुई। ऑपरेशन तकनीकी रूप से पूरा हो गया, लेकिन असली गलती इसके बाद सामने आई। डॉक्टर को जिस दाहिने अंडकोष को निकालना था, उसकी जगह मरीज का स्वस्थ बायां अंडकोष निकाल दिया।
मरीज को मिला 8.7 लाख डॉलर का मुआवजा
इस गलती के बाद Haines ने 2014 में डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ मुकदमा दायर किया। करीब चार साल बाद 2017 में Huntingdon County की जूरी ने डॉक्टर को “recklessly indifferent” माना। यानी लापरवाही से भरा हुआ। Haines के पक्ष में कुल 8.7 लाख डॉलर का मुआवजा देने का फैसला सुनाया। इसमें 6.2 लाख डॉलर दर्द और तकलीफ के लिए तथा 2.5 लाख डॉलर शरीर के अंदर एक खास हिस्से को हुई क्षति के रूप में शामिल थे।
मुआवजे की कीमत तब करीब 6 करोड़ रुपये थी
साल 2017 के हिसाब से 8.7 लाख डॉलर को रुपये में बदलें तो करीब 5,89,77,300 करोड़ रुपये बनते हैं। (67.79 रुपये प्रति डॉलर के हिसाब से।) यही आंकड़ा भारत में किसी के द्वारा रील बनाकर शेयर किया गया कि इंसानी अंडकोष की कीमत करीब 6 करोड़ रुपये है। जब भोपाल के 20 साल के BBA छात्र जोहेब खान ने सोशल मीडिया पर ऐसी रील देखी थी, जिसमें इंसानी अंडकोष की कीमत करोड़ों रुपये बताई गई थी। आरोपी ने इस दावे को सच मान लिया।
करोड़ों कमाने के लालच में BBA छात्र ने कराया मर्डर
इसके बाद जोहेब ने अपने साथियों को भी भरोसा दिलाया कि अंडकोष बेचकर करोड़ों रुपये कमाए जा सकते हैं। इसी लालच में किशोर लड़कों को निशाना बनाने की साजिश रची गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले दो बार लड़कों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन दोनों प्रयास नाकाम रहे। तीसरी कोशिश में 6 अगस्त को 16 वर्षीय स्ट्रीट वेंडर को लड़ाई में मदद करने के बहाने अपने साथ ले गए। बाद में धोबी घाट के पास उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद उसके शरीर से अंडकोष निकाल लिए गए।
अंडकोष का नहीं मिला खरीदार, पास रखने के बाद झील में फेंके
लेकिन जिस करोड़ों रुपये की कमाई के लालच में यह सब किया गया था, वह पूरी तरह काल्पनिक निकली। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को कोई खरीदार नहीं मिला। उन्हें यह भी नहीं पता था कि मानव शरीर से निकाले गए अंग को सुरक्षित कैसे रखा जाता है या उसे बेचा कैसे जा सकता है। कथित तौर पर करीब तीन दिन तक अंडकोष अपने पास रखने के बाद आरोपियों ने उसे भी शव के साथ झील में फेंक दिया। यानी सोशल मीडिया की एक झूठी कहानी ने उन्हें करोड़ों कमाने का सपना दिखाया, लेकिन उसका अंत एक नाबालिग की हत्या और आरोपियों की गिरफ्तारी के रूप में हुआ।



