वांगचुक ने कहा, ‘इस जीत में किसी की हार नहीं, पेपर लीक खत्म होना चाहिए। आपकी निष्ठा को सलाम करता हूं अभिनंदन करता हूं। हम आपके बारे में बहुत चिंतित थे। मैंने आज ही अपने लोगों से कहा था कि पता करिए आपको किस चीज की जरूरत है।’
JSSC-CGL परीक्षा और TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से फोन पर वीडियो कॉल के जरिए बात की। इस दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने वांगचुक को श्रेय देते हुए बताया कि उन्होंने सोनम वांगचुक को देखकर ही अपना अनशन शुरू किया था और इस मौके पर महतो ने वांगचुक से आशीर्वाद भी मांगा। बदले में वांगचुक ने कहा कि इस जीत में किसी की हार नहीं है और, पेपर लीक की समस्या खत्म होना चाहिए।
उधर वांगचुक से बातचीत के कुछ देर बाद झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी और दीपिका पांडेय सिंह सदर अस्पताल पहुंचे और उन्होंने चारों अनशनकारी छात्रों को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।
देवेंद्र ने वांगचुक से बोले- आपका आशीर्वाद चाहिए
वांगचुक से बात करने के लिए फोन लगते ही देवेंद्र महतो ने उनसे कहा, ‘नमस्कार सर, जोहार सर’। इसके बाद वांगचुक ने कहा, ‘देवेंद्र जी नमस्कार, आपकी मांगें मान ली गईं, आपको बधाई देना चाहता हूं।’ इसके बाद देवेंद्र महतो ने कहा, ‘जी सर, आपके मार्गदर्शन से, आपसे प्रेरित होकर, झारखंड के छात्रों को मिले आपके आशीर्वाद से, हम लोग लड़े और आज भूख हड़ताल के 16वें दिन और आंदोलन के 23वें दिन सरकार ने हमारी मांगें पूरी कर दी हैं, आपको हम प्रणाम कर रहे हैं और आपसे हम आशीर्वाद भी प्राप्त करना चाहते हैं।’
वांगचुक ने कहा- आपकी निष्ठा को सलाम करता हूं
इसके बाद वांगचुक ने कहा, ‘इस जीत में किसी की हार नहीं, पेपर लीक खत्म होना चाहिए। आपकी निष्ठा को सलाम करता हूं अभिनंदन करता हूं। मैं इस फैसले के लिए झारखंड की सरकार और खासकर मुख्यमंत्रीजी को धन्यवाद कहता हूं। हम आपकी सेहत को लेकर बहुत चिंतित थे। मैंने आज ही अपने लोगों से कहा था कि पता करिए आप कैसे हैं और आपको किस चीज की जरूरत है। लेकिन इसी बीच यह खुशखबरी आ गई।’
चारों छात्रों ने तोड़ा अनशन, हबीबा ने रखी कुछ मांगें
अपनी मांगों को लेकर पिछले 16 दिन से देवेंद्र नाथ महतो भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे। उनके अलावा तीन अन्य छात्र भी अनशन पर बैठे हुए थे। भूख हड़ताल पर बैठे अन्य छात्रों में राहुल क्रांति, उम्मे हबीबा और महेंद्र प्रताप शामिल हैं।
सीएम बोले- CGL के साथ TDPL की सारी परीक्षाएं रद्द होंगी
इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा, ‘सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तर (JSSC-CGL) परीक्षा रद्द करने का फैसला किया है, जो प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मुख्य मांगों में से एक थी। साथ ही हमने आउटसोर्स एजेंसी TDPL (TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा जारी नतीजों को भी रद्द करने का फैसला किया है। भले ही उसकी चयन प्रक्रिया पूरी ही क्यों न हो गई हो। साथ ही सरकार ने सीजीएल परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच कराने की बात भी कही।’
हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे युवा हमारे राज्य के नौजवान हैं और सरकार हमेशा उनके हितों के साथ खड़ी है। मैं खुद हमेशा छात्र के हित के पक्ष में रहा हूं। राज्य सरकार ने जेपीएससीऔर जेएसएससी द्वारा 2014 से ली गई सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का जांच का फैसला किया है। हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज से इसकी जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षा में सुधार के लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में रिफॉर्म कमेटी बनाने की भी घोषणा की।



