ये स्टीमर महादेव मंदिर के लिए रवाना हुआ था। यात्रियों के मुताबिक स्टीमर में डीजल खत्म हो गया था। इसी दौरान इंजन बंद हो गया और स्टीमर बहाव के साथ बेहने लगा। एक यात्री ने कहा कि स्टीमर के पंखे में कपड़ा फंस गया था और इसी दौरान डीजल भी खत्म हो गया।
मध्य प्रदेश के मुरैना के पोरसा क्षेत्र के नगरा साहसपुर घाट से उत्तर प्रदेश के बटेश्वरा महादेव मंदिर के लिए निकला यात्रियों से भरा स्टीमर रविवार सुबह चंबल नदी के बीच अचानक खराब हो गया। स्टीमर में 100 से ज्यादा यात्री और 50 से अधिक मोटरसाइकिलें सवार थीं। अचानक इंजन बंद होने के बाद स्टीमर नदी की तेज धार के साथ बहने लगा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
यात्रियों के मुताबिक स्टीमर में डीजल खत्म हो गया था। इसी दौरान इंजन बंद हो गया और स्टीमर का नियंत्रण मुश्किल हो गया। एक यात्री ने बताया कि स्टीमर के पंखे में कपड़ा फंस गया था और इसी दौरान डीजल भी खत्म हो गया। इंजन बंद होने के बाद तेज बहाव के कारण स्टीमर लगातार नदी की धार के साथ आगे बढ़ता रहा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
स्टीमर के बहकर भिंड जिले की सीमा की ओर पहुंचने के बाद यात्रियों की चिंता और बढ़ गई। स्टीमर स्टाफ ने बल्लियों के सहारे उसे नियंत्रित करने और नदी के किनारे लगाने की कोशिश की। इस दौरान स्टीमर में सवार यात्रियों ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर घटना को रिकॉर्ड किया। देखते ही देखते स्टीमर के नदी में बहने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि काफी मशक्कत के बाद स्टीमर को सुरक्षित नदी के किनारे लगा दिया गया।
सभी यात्री सुरक्षित
स्टीमर में सवार सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। किसी यात्री के घायल होने की फिलहाल सूचना नहीं है।स्टीमर को किनारे लगाने के बाद वॉटर प्रोजेक्ट प्लांट स्थल से सभी यात्रियों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। इससे यात्रियों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है।
लापरवाही के आरोप
घटना के बाद स्टीमर में सवार यात्रियों ने संचालन में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। यात्रियों का कहना है कि 100 से ज्यादा लोगों और 50 से अधिक मोटरसाइकिलों को लेकर चल रहे स्टीमर में डीजल खत्म होना और बीच नदी में इंजन बंद हो जाना गंभीर लापरवाही है।
लेकिन राहत की बात यह है कि स्टीमर को सुरक्षित किनारे लगा लिया गया और सभी यात्री सुरक्षित हैं। घटना के बाद अब स्टीमर संचालन की व्यवस्था, यात्रियों की संख्या, सुरक्षा इंतजाम और तकनीकी जांच को लेकर प्रशासन की ओर से जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्टीमर में इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों और वाहनों को ले जाते समय सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
रिपोर्ट- अमित कुमार



