मोक्ष की नगरी कही जाने वाली काशी में मां-बेटे ने सल्फास खाकर जान दे दी है। एक दिन पहले ही पिता की बीमारी से मौत हुई थी। पिता का अंतिम संस्कार करने के बाद से दोनों गेस्ट हाउस के कमरे से नहीं निकले थे।
वाराणसी अमित वर्मा। वाराणसी में लक्सा के गेस्ट हाउस में ठहरे महाराष्ट्र के रायगढ़ निवासी कारोबारी की रविवार को बीमारी से मौत हो गई। इधर दूसरे दिन सोमवार को कमरे में मां और बेटे ने जान दे दी। कर्मचारियों की सूचना पर लक्सा पुलिस पहुंची और शव कब्जे में ले लिया। दोनों ने सल्फास खाकर जान दी है। कमरे से फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। बताया जाता है कि कारोबारी की बीमारी ठीक नहीं होने के बाद तीनों धार्मिक यात्रा पर निकले थे। जान देने को मोक्ष की चाहत से जोड़ा जा रहा है। काशी को मोक्ष की नगरी भी कहा जाता है। काफी लोग गंभीर बीमारियों और बुजुर्ग होने पर यहां आकर निवास करते हैं और शरीर त्यागते हैं।
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के खारगढ़ पनवेल निवासी 53 वर्षीय विशाल विनय मुखर्जी, उनकी 50 वर्षीय पत्नी जया मुखर्जी, बेटा 29 वर्षीय ईशान मुखर्जी वाराणसी चार दिन पहले काशी आए थे। वाराणसी के हृदय स्थल गोदौलिया से कुछ दूरी पर स्थित लक्सा के वाची गेस्ट हाउस में 7 अगस्त से रुके थे। पुलिस के अनुसार विशाल विनय की तबीयत पहले से काफी खराब थी। रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ी तो परिजन उन्हें लेकर बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंचे। वहां उनका निधन हो गया।
कमरे से मिला सल्फास का पैकेट
विशाल की अन्त्येष्टि के बाद मां और बेटा सोमवार सुबह गेस्ट हाउस लौटे थे। इसके बाद से कमरे से बाहर नहीं निकले। देर शाम तक दरवाजा न खुलने पर कर्मचारियों ने फोन किया लेकिन जवाब नहीं आया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि कमरे से सल्फास का पैकेट मिला है। आशंका है जहर खाकर मां-बेटे ने जान दी है।
पुलिस को लोन से परेशान होने की आशंका
तीनों की मौत को पुलिस लोन को लेकर परेशान होने की आशंका से भी जोड़ रही है। एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि आरंभिक जांच में सामने आया है कि विशाल ने किसी काम के लिए लोन लिया था। फिर उनकी लंबी बीमारी के कारण लोन चुकता नहीं हो रहा था। इसके साथ ही बीमारी का खर्च भी अधिक हो गया था। ऐसे में आशंका है कि इसी बात से परिवार परेशान था।
वहीं, यह भी आशंका है कि अचानक पिता की मौत के बाद मां और बेटे खुद को अकेला महसूस करने लगे होंगे और जान दे दी होगी। उधर, फोरेंसिक टीम ने कमरे का गहन निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने परिवार के दर्ज पते के पड़ोसियों से संपर्क किया। हालांकि लोगों ने जानने पहचानने से इनकार कर दिया। पुलिस रिश्तेदारों से संपर्क की कोशिश में जुटी है।


