पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले उसने दोनों आरोपियों को पकड़ा और उनसे पूछताछ की। घटनाक्रम की पुष्टि होने और पूरी टाइमलाइन के मेल खाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि घटना के समय लूटा गया सामान भी उनसे बरामद किया गया।
मध्य प्रदेश में इंदौर पुलिस ने 11 साल पुराने एक अंधे कत्ल (बिना सुराग वाला मर्डर) की गुत्थी को सुलझाते हुए नाबालिग छात्र की हत्या के मामले में शामिल तीन में से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने वारदात की बहुत ही चौंकाने वाली वजह बताई है। आरोपियों का कहना है कि उन्होंने मृतक से लिफ्ट ली थी, इसी दौरान उनकी नजर उसकी चांदी की चेन और उसमें लगे सोने के लॉकेट पर पड़ी। जिसे हासिल करने के लिए उन्होंने चाकू से उसकी गर्दन पर हमला कर उसे मार डाला।
पुलिस ने बताया कि इस वारदात को अकील, आरिफ और परवेज नाम के तीन आरोपियों ने अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार इनमें से अकील एक आदतन अपराधी है जिसके खिलाफ करीब 14 FIR दर्ज हैं, जबकि आरिफ के खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, वहीं तीसरे आरोपी परवेज की मौत हो चुकी है।
मामले की जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (DCP, जोन 2) अमन सिंह राठौर ने ANI को बताया कि खजराना पुलिस टीम ने अप्रैल 2015 में मारे गए 17 साल के लड़के की हत्या के मामले को सुलझा लिया है। उन्होंने बताया कि कई सालों तक बिना किसी सफलता के जांच चलने के बाद, इस मामले को बंद कर दिया गया था। बाद में 2019 में इंदौर में ‘ब्लाइंड मर्डर’ मामलों की दोबारा जांच के लिए शुरू किए गए ‘ऑपरेशन उजागर’ के तहत इसे फिर से खोला गया।
वारदात के बारे में बताते हुए राठौर ने कहा, ‘अप्रैल 2015 में 17 साल के एक लड़के की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद उस समय IPC की धाराओं 363 और 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था। कई सालों तक जांच चली, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद कोई सफलता नहीं मिली और मामला बंद कर दिया गया। 2019 में ‘ऑपरेशन उजागर’ के तहत इंदौर में कई ‘ब्लाइंड मर्डर’ मामलों को फिर से खोला गया और तब से इस मामले की जांच चल रही थी।’
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इस कार्रवाई को खुफिया सूचना के आधार पर अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि हाल ही में पुलिस को भरोसेमंद मुखबिरों से जानकारी मिली कि अकील, आरिफ और परवेज नाम के तीन आरोपी इस वारदात में शामिल थे। जिसके बाद अकील और आरिफ को पुलिस ने धर दबोचा।
जबकि तीसरे आरोपी परवेज की मौत के बारे में DCP ने कहा कि उसकी मौत हो गई थी और जांच में पता चला कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी। उन्होंने कहा कि मामले में कोई अन्य पहलू सामने नहीं आया है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस के सामने हत्या की वजह का खुलासा करते हुए कहा कि हमने ने मृतक से लिफ़्ट ली थी। इसके बाद, हम तीनों साथ में बैठे और साथ मिलकर खाना खाया। इस दौरान उनकी नजर लिफ्ट देने वाले के गले पर गई। मृतक ने चांदी की चेन और सोने का लॉकेट पहना हुआ था।
इसके बाद दोनों आरोपियों ने उससे वह चेन और लॉकेट मांगा, लेकिन जब उसने देने से मना कर दिया, तो उन्होंने चाकू से उसकी गर्दन पर हमला कर उसे मार डाला। साथ ही मृतक की बाइक में भी आग लगाकर उसे जला दिया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने लालच में आकर यह अपराध किया था।


