AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) की अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने काली स्याही फेंक दी और उन पर ‘देश-विरोधी’ होने का आरोप लगाया। घटना के बाद मार्च में मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों ने युवक की बुरी तरह पिटाई कर दी, हालांकि इसी बीच पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
झारखंड की राजधानी रांची की एक दीवानी अदालत ने चार दिन पहले झारखंड विधानसभा तक विरोध मार्च के दौरान ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने के आरोपी युवक को मंगलवार को जमानत दे दी। आरोपी की पहचान अमरनाथ पांडेय के रूप में हुई थी, जो कि प्रदेश के हजारीबाग जिले का रहने वाला है और उसने वहां के विनोबा भावे विश्वविद्यालय के भद्रकाली कॉलेज से हिंदी ऑनर्स की डिग्री ली है। आरोपी अमरनाथ ने शुक्रवार को बोरा पर काली स्याही फेंकी थी, जिसके तत्काल बाद उसे हिरासत में ले लिया गया था, और फिर बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
आरोपी के वकील गौरव शुक्ला ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘अदालत ने 10-10 हजार रुपए के दो ज़मानती बॉण्ड भरने पर पांडेय को जमानत दे दी। जमानत इस शर्त पर दी गई कि आरोपी बोरा के खिलाफ किसी भी मंच पर कोई बयान नहीं देगा।’
प्रदेश आइसा सचिव संतोष कुमार उर्फ त्रिलोकीनाथ के बयान के आधार पर पांडेय के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पांडेय ने सात मार्च को बिरसा चौक के पास बोरा पर स्याही फेंकी थी। तब आइसा, एआईएसएफ और अन्य छात्र संगठनों के समर्थक राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे।
उमर खालिद की समर्थक होने की वजह से किया विरोध
उसी दिन बाद में, पांडेय ने कहा था कि वह उन्हें पसंद नहीं करता, क्योंकि वह उमर खालिद की समर्थक और देश-विरोधी हैं। पुलिस उसे पकड़कर ले जा रही थी, तब उसने ‘उमर खालिद मुर्दाबाद’ का नारा लगाया था। इसी दौरान मीडिया से हुई संक्षिप्त बातचीत में आरोपी ने नेहा पर राष्ट्रद्रोही होने का आरोप लगाया और कहा कि ‘नेहा बोरा उमर खालिद की समर्थक है, इस वजह से मैं उसे पसंद नहीं करता और इसी के चलते मैंने उस पर स्याही फेंकी है।’
AISA और SFI ने शुक्रवार को निकाला था मार्च
झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के विरोध में वामपंथी छात्र संगठनों AISA और SFI ने शुक्रवार को राजधानी रांची में विधानसभा की ओर एक विरोध मार्च का आयोजन किया। इस दौरान बिरसा चौक के पास AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) की अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक युवक ने काली स्याही फेंक दी और उन पर ‘देश-विरोधी’ होने का आरोप लगाया। घटना के बाद मार्च में मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों ने युवक की बुरी तरह पिटाई कर दी, हालांकि इसी बीच पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
‘मैं एक शेर हूं, इनकी कोई औकात नहीं’
आरोपी ने आगे कहा था कि ‘ये लोग देशद्रोही हैं।’ वहीं जब मीडियाकर्मियों ने उससे पूछा कि क्या आपको पीटा गया है, तो आरोपी ने कहा- ‘हमको कोई फर्क नहीं पड़ता। इन कुत्तों के बीच मैं एक शेर हूं, इन लोगों की कोई औकात नहीं है। ये सब देशद्रोही हैं।’
छह साल से जेल में बंद है उमर खालिद
बता दें कि आरोपी ने जिस उमर खालिद को सितंबर 2020 में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत गिरफ़्तार किया गया था। खालिद पर आरोप है कि वह फरवरी 2020 के दंगों के मुख्य षड्यंत्रकारियों में से एक है। इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।



