इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में दो दिन पहले किराए के कमरे में जली हुई हालत में मिली 26 वर्षीय युवती की मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जिस घटना को पहली नजर में गैस रिसाव से हुआ हादसा समझा जा रहा था, वह दरअसल सुनियोजित हत्या निकली।
इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में दो दिन पहले किराए के कमरे में जली हुई हालत में मिली 26 वर्षीय युवती की मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जिस घटना को पहली नजर में गैस रिसाव से हुआ हादसा समझा जा रहा था, वह दरअसल सुनियोजित हत्या निकली। पुलिस जांच में सामने आया कि युवती की उसके प्रेमी ने पहले गला घोंटकर हत्या की और फिर पहचान मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इतना ही नहीं, घटना को हादसा साबित करने के लिए कमरे में रखे एलपीजी सिलेंडर की नली भी निकाल दी, ताकि मामला गैस रिसाव से लगी आग का लगे। हालांकि सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और तकनीकी जांच ने आरोपी की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान पलक केशव (26) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से टिमरनी (जिला हरदा) की रहने वाली थी और इंदौर के तपेश्वरी बाग स्थित किराए के मकान में अकेली रहती थी। पलक एक निजी बैंक में कार्यरत थी।
सोशल मीडिया से शुरू हुई दोस्ती, शादी की बात पर बिगड़े रिश्ते
पुलिस जांच में सामने आया कि पलक की पहचान साल 2020 में सोशल मीडिया के माध्यम से दतिया जिले के डबरा निवासी मयंक से हुई थी। उस समय मयंक डबरा में रहता था, लेकिन बाद में काम के सिलसिले में इंदौर आ गया। वह मोटर वाइंडिंग का काम करता था। इंदौर में एक शो के ऑडिशन के दौरान दोनों की मुलाकात फिर हुई और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं। दोनों लगातार संपर्क में थे और शादी को लेकर बातचीत भी चल रही थी, लेकिन इसी मुद्दे पर अक्सर विवाद होता था।
थप्पड़ के बाद बेकाबू हुआ आरोपी, गला दबाकर की हत्या
पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन भी दोनों के बीच शादी को लेकर बहस हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि विवाद के दौरान पलक ने उसे थप्पड़ मार दिया। इससे वह गुस्से में आ गया और उसने कथित तौर पर पलक का गला दबा दिया। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
पेट्रोल डालकर जलाया शव, गैस लीक का रचा नाटक
हत्या के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए पूरी वारदात को हादसे का रूप देने की साजिश रची। पुलिस के अनुसार उसने पहले शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके बाद कमरे में रखे एलपीजी सिलेंडर की नली निकाल दी, ताकि ऐसा लगे कि गैस रिसाव के कारण आग लगी और युवती की मौत हो गई। आरोपी कथित रूप से जले हुए कपड़े और अन्य सामान एक बैग में भरकर अपने साथ ले गया, जिससे हत्या के सबूत मिटाए जा सकें।
पेट्रोल की केन और सीसीटीवी ने खोली साजिश की परतें
घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को कई परिस्थितियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। जांच में एक युवक हाथ में पेट्रोल की केन लेकर आता-जाता दिखाई दिया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य जुटाए। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के मिलान के बाद संदेह मयंक पर गया। पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

