झारखंड के धनबाद जिले से टॉप नक्सली मिसिर बेसरा को गिरफ्तार किया गया है। मिसिर बेसरा पर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम था।
झारखंड के धनबाद में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षा बलों ने टॉप नक्सली मिसिर बेसरा को गिरफ्तार किया है। मिसिर बेसरा पर एक करोड़ से ज्यादा का इनाम था। मिसिर बेसरा झारखंड और ओडिशा समेत कई राज्यों में नक्सली गतिविधियों में वॉन्टेट था। पुलिस अभियान के दौरान दो अन्य नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया गया है। मिसिर बेसरा झारखंड और ओडिशा समेत कई राज्यों में नक्सल वारदातों से जुड़े मामलों में वॉन्टेड था।
गिरिडीह जिले का रहने वाला है मिसिर बेसरा
मिसिर बेसरा गिरिडीह जिले के हरलाडीह का निवासी है। मिसिर बेसरा को धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के मनियाडीह इलाके से गिरफ्तार किया गया। सुरक्षा बलों के ऑपरेशन में मिसिर बेसरा के साथ दो और नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
हाल ही में 16 नक्सलियों ने डाले थे हथियार
इससे पहले झारखंड पुलिस के सामने 16 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया था। इनमें से 6 नक्सलियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम था। सरेंडर करने वाले इन नक्सलियों ने 11 हथियार और 1,562 गोलियां भी पुलिस को सौंपीं। इन नक्सलियों ने महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड के समक्ष हथियार डाले।
हथियार डालने में कहां-कहां के नक्सली
हथियार डालने वाले नक्सलियों में एक रीजनल कमेटी सदस्य, 3 जोनल कमेटी सदस्य, 3 सब-जोनल कमेटी सदस्य, 4 एरिया कमेटी सदस्य और 3 दस्ता सदस्य शामिल हैं। सरेंडर करने वाले 16 नक्सलियों में 15 झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम, लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग, खूंटी, बोकारो, रांची, सरायकेला और गिरिडीह जिलों के निवासी हैं। एक नक्सली ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले का रहने वाला है।
झारखंड पुलिस की अपील
सरेंडर करने वालों में संतोष महतो उर्फ वासुदेव दा उर्फ दिलीप भी शामिल था। संतोष महतो उर्फ वासुदेव दा उर्फ दिलीप 128 मामलों में वॉन्टेड था। उस पर 15 लाख रुपये का इनाम था। सरेंडर करने वालों में दो सब-जोनल कमेटी सदस्य और दो एरिया कमेटी पदाधिकारी भी शामिल थे। झारखंड पुलिस की अपील है कि बाकी बचे नक्सलियों भी हिंसा और डर के रास्ते को छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और राज्य सरकार की नीति का लाभ उठाएं।
क्या कहते हैं आंकड़े?
यूनीवार्ता के मुताबिक, साल 2026 में अब तक कुल 93 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 45 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। वहीं पुलिस मुठभेड़ों में 22 नक्सली मारे गए हैं। इससे पहले 21 मई को 27 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। इसके अलावा 13 जुलाई को 20 लाख रुपये के इनामी टॉप कमांडर रविंद्र गंझू को दबोचा गया था। 17 जुलाई को 25 लाख रुपये के इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर की गिरफ्तारी भी सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी रही।



