बिंदियारानी देवी ने ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को 58 किलो ग्राम भार वर्ग में वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक दिलाया है। भारत का यह 6वां पदक है। उन्होंने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 112 किलोग्राम भार उठाया, कुल मिलाकर 199 किलोग्राम का वजन उठाकर कांस्य जीता।
बिंदियारानी देवी ने ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को 58 किलोग्राम भार वर्ग वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक दिलाया है। भारत का यह 6वां पदक है। बिंदियारानी ने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 112 किलोग्राम भार उठाया, कुल मिलाकर 199 किलोग्राम का वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। कनाडा की ऐन सोफी ताशेरो ने 215 किलोग्राम भार उठाकर रजत पदक जीता, जबकि नाइजीरिया की रागियातु फोलशादे लॉवल ने 229 किलोग्राम भार उठाकर खेलों का रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता।
इससे पहले बिंदियारानी ने बर्मिंघम में आयोजित पिछली विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। उन्होंने 2021 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक भी जीता है। अब तक भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कुल 6 पदक अपने नाम कर लिए हैं। रविवार को मीराबाई चानू ने इंडिया को गोल्ड मेडल दिलाया। ऋषिकांत सिंह भारत्तोलन में ही रजत पदक विजेता रहे। राजा मुथुपंडी ने भारोत्तोलन में रजत पदक जीता। ज्ञानेश्वरी यादव ने आज ही सिल्वर मेडल अपने नाम किया। झंडू कुमार ने पैरा पॉवरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीता। और अब बिंदियारानी देवी ने भारोत्तोलन कांस्य में कांस्य पदक अपने नाम किया है।
ये हैं भारत के अब तक के पदक विजेता:
- मीराबाई चानू, भारोत्तोलन स्वर्ण
2. ऋषिकांत सिंह चाननबम, भारोत्तोलन में रजत पदक विजेता
3. राजा मुथुपंडी, भारोत्तोलन रजत
4. ज्ञानेश्वरी यादव, भारोत्तोलन रजत
5. झंडू कुमार, पैरा पॉवरलिफ्टिंग कांस्य
6. बिंदियारानी देवी, भारोत्तोलन कांस्य
स्नैच में बिंदिया का दमदार प्रदर्शन
भारतीय महिला वेटलिफ्टर बिंदियारानी ने 58 किलो भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने स्नैच में 87 किलो वजन उठाया। उनके तीनों प्रयास सफल रहे। बिंदियारानी ने स्नैच के पहले प्रयास में 83 किलो वजन उठाने का फैसला किया और वह इसमें सफल रहीं। उन्होंने पहले 85 किलो वजन रजिस्टर कराया था, लेकिन आखिरी मिनटों में उन्होंने वजन कम करने का फैसला किया। स्नैच के दूसरे प्रयास में बिंदिया ने वजन बढ़ाया और 85 किलो वजन उठाने का फैसला किया। उन्हें 85 किलो वजन उठाने में कोई परेशानी नहीं हुई। फिर तीसरे प्रयास में उन्होंने 87 किलो वजन उठाया।
क्लीन एंड जर्क में पहला प्रयास असफल, फिर दमदार वापसी
बिंदिया का क्लीन एंड जर्क में पहला प्रयास नो लिफ्ट करार दिया गया। उन्होंने पहले प्रयास में 110 किलो वजन रजिस्टर कराया और उठाया भी। पहले इसे सफल प्रयास दिया गया, लेकिन ज्यूरी ने रिव्यू किया जिसके बाद पहला प्रयास नो लिफ्ट करार दिया गया। हालांकि, उन्होंने दूसरे प्रयास में दमदार वापसी की। 112 किलो वजन उठाया और खुद को पदक की रेस में शामिल किया। बिंदिया के सामने एकमात्र अड़चन इंग्लैंड की एलिजा प्राट थीं जो कांस्य की दौड़ में बनी हुई थीं। हालांकि, प्राट क्लीन एंड जर्क में अपने आखिरी प्रयास में 113 किलो वजन नहीं उठा सकीं, जिससे बिंदिया का कांस्य पक्का हो गया। भारत के लिए यह गर्व की बात रही।



