दो जुलाई 2020 की रात कानपुर के बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे ने पुलिस टीम पर हमला कर 8 पुलिसवालों की हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार घटना में विकास दुबे का साथी दयाशंकर अग्निहोत्री भी शामिल था। पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था।

विकास दुबे का साथी दयाशंकर अदालत से बरी, बिकरू कांड के 2 दिन बाद हुआ था गिरफ्तार
Vikas Dubey Case: उत्तर प्रदेश के कानपुर के चर्चित बिकरू कांड को अंजाम देने वाले कुख्यात विकास दुबे के साथी दयाशंकर अग्निहोत्री को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया। कल्याणपुर पुलिस ने बिकरू कांड की घटना के दो दिनों बाद उसे शिवली रोड से मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। बीती 13 जुलाई को कोर्ट में इस मामले में अंतिम बहस पूरी कर ली गई थी।
बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 की रात गैंगस्टर विकास दुबे ने पुलिस टीम पर हमला कर सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक घटना में विकास दुबे का साथी दयाशंकर अग्निहोत्री भी शामिल था। पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। चार जुलाई की देर रात शिवली रोड पर कल्याणपुर पुलिस ने उसे घेर लिया। सरेंडर की चेतावनी देने के बाद दयाशंकर ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे अरेस्ट किया था। पुलिस ने आरोपी के पास से असलहा बरामद किया था।
जिसके बाद हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट में कल्याणपुर पुलिस ने उस पर मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले की सुनवाई एडीजे अगस्त कुमार तिवारी की कोर्ट में चल रही थी। मामले में अधिवक्ता अश्वनी त्रिपाठी ने बताया कि बीती 13 जुलाई को मामले में अंतिम बहस पूरी हो गई थी।
अभियोजन की ओर से मामले में नौ गवाह कोर्ट में प्रस्तुत किए गए। सोमवार को कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पुलिस की कहानी को साबित नहीं कर सका। गवाहों के बयान भी विरोधाभाषी हैं। आरोपी दयाशंकर अग्निहोत्री को इसका लाभ देते न्यायालय ने उसे आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास (पुलिस पर गोली चलाने) के आरोपों में दोषमुक्त करार दिया।
पांच साल पहले तय हुए थे आरोप
अधिवक्ता ने बताया कि दयाशंकर के खिलाफ आठ जनवरी 2021 को आरोप तय हुए थे। 15 अप्रैल 2023 को अभियोजन की ओर से साक्ष्य पूरे होने के बाद 17 अप्रैल 2025 को आरोपी के बयान दर्ज किए गए।



