देवरिया में शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह खुदकुशी मामले में फरार चल रहे 25 हजार के इनामी लिपिक संजीव सिंह ने शनिवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। बता दें कि कुछ दिन पहले बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
UP News: यूपी के देवरिया में शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह खुदकुशी मामले में फरार चल रहे लिपिक संजीव सिंह ने शनिवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वह देवरिया बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत था। लंबे समय से फरार चल रहे लिपिक की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उधर, कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। बता दें कि कुछ दिन पहले बीएसए को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) अभिषेक चतुर्वेदी की अदालत में हुई। अदालत के समक्ष पेश होने के बाद संजीव सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। वह देवरिया जिले की रामनाथ कॉलोनी का रहने वाला है। 22 फरवरी 2026 को दर्ज मुकदमे के बाद से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। दरअसल, शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के बाद उनकी पत्नी गुड़िया सिंह ने गुलरिहा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
शिकायत में तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। तहरीर के मुताबिक दोनों आरोपित शिक्षक को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे थे। आरोप था कि इसी मानसिक दबाव और उत्पीड़न से परेशान होकर कृष्ण मोहन सिंह ने आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए थे। विवेचना में यह आरोप भी शामिल हुआ कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन के नाम पर कृष्ण मोहन सिंह समेत तीन शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये की मांग की गई थी। इतना ही नहीं, 20 फरवरी को शिक्षक को कार्यालय बुलाकर कथित रूप से अपमानित किए जाने की बात भी सामने आई। इसके अगले ही दिन उन्होंने फांसी लगाकर जान दे दी थी।
शिक्षक के पास से मिला था सुसाइड नोट
घटना के बाद पुलिस को मृतक की जेब से चार पन्नों का सुसाइड नोट मिला था। इसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह को जिम्मेदार ठहराया था। सुसाइड नोट के आधार पर भी जांच को आगे बढ़ाया गया।
पहले ही गिरफ्तार हो चुकी है बीएसए
इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य आरोपित निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को गुलरिहा पुलिस ने 16 जून को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया था। ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर लाने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। वहीं, मामले के एक अन्य आरोपित पूर्व प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को पुलिस घटना के दस दिन बाद ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब संजीव सिंह के आत्मसमर्पण के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया और तेज होने की उम्मीद है।



