रविवार को मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल ने यूसीसी विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दी थी। प्रस्तावित कानून में तीन तलाक और निकाह हलाला को दंडनीय बनाने, बहुविवाह पर रोक लगाने तथा एक महीने के भीतर लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण नहीं कराने पर तीन महीने तक के कारावास का प्रावधान किया गया है।
मध्य प्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के विरोध के बीच ध्वनि मत से समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कर दिया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) के पास भेजने की मांग की, लेकिन सरकार ने इसे मंजूर नहीं किया। मुख्य विपक्षी दल ने इस विधेयक को संविधान के अनुच्छेद 29 के तहत अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ और राजनीतिक एजेंडा बताते हुए विरोध दर्ज कराया। इसके बावजूद सरकार ने बिल को सदन से पास करा लिया। इसके साथ ही मध्य प्रदेश यूनिफॉर्म सिविल कोड को पास करने वाला देश का पांचवां राज्य बन गया है। इससे पहले गोवा (आजादी के समय से), उत्तराखंड, गुजरात और असम में यूसीसी लागू है।
विधानसभा में बिल को पेश करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि विधानसभा में एक सुनहरा इतिहास रचा जा रहा है, लेकिन कांग्रेस अपनी तुष्टिकरण की राजनीति और इसे आदिवासी-विरोधी बताने के कारण इस मौके को गंवा रही है।
कांग्रेस की एक मांग को किया नामंजूर
उधर सदन में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने बिल का विरोध किया और पार्टी विधायक आरिफ मसूद की उस मांग का समर्थन किया जिसमें बिल को चर्चा के लिए एक सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि UCC बिल पास करने के बजाय, भाजपा सरकार को OBC समुदाय के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए।
विपक्षी विधायक विरोध करते हुए वेल में पहुंच गए
यादव का भाषण पूरा होने के बाद, स्पीकर (विधानसभा अध्यक्ष) नरेंद्र सिंह तोमर ने तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास मंत्री गौतम टेटवाल से बिल को ध्वनि मत से पास कराने के लिए पेश करने को कहा। जिसके बाद विपक्षी विधायकों के सदन के बीचों-बीच (वेल में) विरोध जारी रखने के बावजूद बिल पास हो गया।
सोमवार को सदन में रखा गया था बिल
इससे एक दिन पहले मध्यप्रदेश सरकार ने सोमवार को विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 का पेश किया था, जिसमें बहुविवाह पर रोक तथा सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक का पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रावधान है।
‘मुस्लिम महिलाओं को होगा सबसे ज्यादा फायदा’
बिल पेश करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा था कि प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से मुस्लिम महिलाओं को सबसे ज्यादा फायदा होगा और इससे उनके जीवन की कई समस्याओं, जैसे हलाला का समाधान होगा। यादव के अनुसार राज्य में ‘राम, रहीम और रॉबिन’ समेत सभी के लिए एक समान कानून जरूरी है।
इससे पहले रविवार को मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल ने यूसीसी विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दी थी। प्रस्तावित कानून में तीन तलाक और निकाह हलाला को दंडनीय बनाने, बहुविवाह पर रोक लगाने तथा एक महीने के भीतर सहजीवन (लिव-इन रिलेशनशिप) का पंजीकरण नहीं कराने पर तीन महीने तक के कारावास का प्रावधान किया गया है।



