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Saleem Al-Ashqar killed in Gaza: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांच के बीच फुटबॉल जगत से झकझोर देने वाली खबर आई है. इजरायली सेना की गोलीबारी में खान यूनिस सर्विसेज क्लब के 32 वर्षीय फिलिस्तीनी गोलकीपर सलीम खादर अल-अश्कर की मौत हो गई. महज 5 महीने पहले शादी के बंधन में बंधे सलीम अपने पहले बच्चे का चेहरा देखने से पहले ही दुनिया छोड़ गए. वह सात बहनों के इकलौते भाई थे. अक्टूबर 2023 से जारी गाजा संघर्ष में अब तक 567 फुटबॉलरों सहित 1,009 फिलिस्तीनी खिलाड़ियों की जान जा चुकी है.
फुटबॉलर की गोली मारकर हत्या.
नई दिल्ली. एक तरफ जहां इस समय पूरी दुनिया फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांच में डूबी हुई है, वहीं फुटबॉल जगत से एक ऐसी झकझोर देने वाली खबर सामने आई है जिसने खेल प्रेमियों की आंखों को नम कर दिया है. फिलिस्तीन के 32 वर्षीय स्टार फुटबॉलर और खान यूनिस सर्विसेज क्लब के भरोसेमंद गोलकीपर सलीम खादर अल-अश्कर अब इस दुनिया में नहीं रहे. इजरायल डिफेंस फोर्स की गोली लगने से मैदान के इस मुस्तैद प्रहरी की जीवनलीला समाप्त हो गई. इस दुखद घटना की आधिकारिक पुष्टि फिलिस्तीनी फुटबॉल संघ ने कर दी है, जिसके बाद से पूरे खेल जगत में शोक की लहर है.
फिलिस्तीनी फुटबॉल संघ द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा खान यूनिस के उत्तर-पूर्व में स्थित अल-करारा कस्बे में हुआ. सलीम खादर अल-अश्कर (Saleem Al-Ashqar) इसी इलाके में मौजूद थे, जब उन्हें इजरायली सेना की गोली का शिकार होना पड़ा. पीएफए ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे फिलिस्तीनी खेल जगत के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति बताया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती. मैदान पर अपनी चपलता और गोलपोस्ट के आगे दीवार बनकर खड़े होने वाले सलीम का इस तरह जाना उनके प्रशंसकों और साथी खिलाड़ियों के लिए एक गहरे सदमे जैसा है.
फुटबॉलर की गोली मारकर हत्या.
अधूरी रह गई पिता बनने की ख्वाहिश
इस पूरी घटना का सबसे दर्दनाक और भावुक करने वाला पहलू सलीम का निजी जीवन है. सलीम अल-अश्कर की शादी महज पांच महीने पहले ही हुई थी. उनका वैवाहिक जीवन अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुआ था कि इस त्रासदी ने सब कुछ उजाड़ दिया.
एक अजन्मा बच्चा और अधूरी खुशियां
सलीम की पत्नी इस समय गर्भवती हैं और अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रही हैं. यह बेहद हृदयविदारक है कि सलीम अपने पहले बच्चे का चेहरा देखने और उसे अपनी बांहों में थामने से पहले ही इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए. एक अजन्मा बच्चा, जिसने अभी दुनिया में कदम भी नहीं रखा है, उसने अपने पिता को खो दिया है.
सात बहनों के इकलौते भाई थे सलीम
सलीम सिर्फ अपनी पत्नी और अजन्मे बच्चे के ही रक्षक नहीं थे, बल्कि वे अपने माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा और सात बहनों के इकलौते भाई थे. बहनों के उस इकलौते भाई के चले जाने से पूरे परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है जिससे उबर पाना उनके लिए नामुमकिन सा है. सोशल मीडिया पर यह खबर आग की तरह फैल गई है। पीएफए के आधिकारिक हैंडल और खेल प्रेमियों के सोशल मीडिया पेजों पर हजारों की तादाद में लोग अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं. कमेंट बॉक्स सलीम को श्रद्धांजलि देने वाले संदेशों और उनके परिवार के लिए की जा रही प्रार्थनाओं से पटे पड़े हैं. उनके साथी खिलाड़ियों और कोचों ने भी रोते हुए अपने इस चहेते गोलकीपर को याद किया.
खेल जगत में पसरा सन्नाटा
एक ऐसे समय में जब दुनिया भर के फुटबॉल फैंस अपनी पसंदीदा टीमों की जीत का जश्न मना रहे हैं, फिलिस्तीन के इस युवा गोलकीपर की मौत ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि युद्ध की विभीषिका किस कदर मासूमों के सपनों को कुचल देती है. सलीम अल-अश्कर की दास्तान सिर्फ एक खिलाड़ी की मौत की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक बिखर चुके परिवार, एक बेवा हो चुकी युवा पत्नी और एक ऐसे बच्चे की त्रासदी है जो कभी अपने पिता को नहीं देख पाएगा. फुटबॉल का मैदान आज अपने एक बेहतरीन रखवाले के लिए रो रहा है.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें


