
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
आकांक्षी जनपद एवं सांसद निधि से संचालित कार्यों की केंद्रीय मंत्री ने की समीक्षा।
मेडिकल कॉलेज में संसाधनों एवं मानव संसाधन की कमी दूर करने पर दिया जोर।
सोनभद्र। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी जी ने आज सर्किट हाउस सभागार में आकांक्षी जनपद कार्यक्रम एवं सांसद निधि से संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए अधिकारियों को विकास कार्यों में और अधिक गति एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में मंत्री जी ने कहा कि जनपद सोनभद्र के जिन क्षेत्रों में मोबाइल एवं इंटरनेट नेटवर्क की समस्या बनी हुई है, वहां की स्थिति का विस्तृत आकलन कर कार्य योजना तैयार की जाए तथा उसे उच्च स्तर पर प्रेषित किया जाए, ताकि नेटवर्क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में बेहतर संचार व्यवस्था विकास की आधार शिला है और दूरस्थ क्षेत्रों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। बैठक के दौरान उन्होने कहा कि लगभग 8 वर्ष पूर्व, जब मैं उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद के रूप में आकांक्षी जनपद सोनभद्र से जुड़ा, तभी से यहां की जनता के साथ मेरा एक विशेष और आत्मीय रिश्ता बन गया। सोनभद्र के लोगों ने मुझे जिस स्नेह, विश्वास और अपनत्व से स्वीकार किया, वह संबंध समय के साथ और भी प्रगाढ़ होता गया है। भारत की ऊर्जा राजधानी के रूप में प्रसिद्ध सोनभद्र कोयला, चूना पत्थर, बॉक्साइट तथा अन्य खनिज संपदाओं से समृद्ध है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के संगम पर स्थित यह जनपद एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र है। फिर भी अपार प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद यह लंबे समय तक विकास संबंधी अनेक चुनौतियों से जूझता रहा। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2018 में नीति आयोग ने सोनभद्र को देश के 112 आकांक्षी जनपदों में शामिल किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने जनपद की विकास यात्रा को नई दिशा और गति प्रदान की। सोनभद्र कभी देश के सबसे पिछड़े जिलों में गिना जाता था, वही जुलाई 2020 में नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग में देश का नंबर-1 आकांक्षी जनपद बना। अक्टूबर- दिसंबर 2025 की डेल्टा रैंकिंग में भी सोनभद्र ने सर्वाेच्च स्थान प्राप्त किया तथा कृषि एवं जल संसाधन क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला बनकर उभरा। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क एवं रेल संपर्क, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की पहुंच, आवास, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति तथा हर घर जल जैसी मूलभूत सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई जिला प्रशासन द्वारा भी विकास के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किये जाने से जनपद के डेल्टा रैंकिंग बेहतर हुई है और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार हो रहा है।
वर्ष 2018-19 से 2025-26 के बीच सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के अंतर्गत रूपया 37.80 करोड़ से अधिक की लागत से 719 विकास कार्य पूर्ण कराए गए। इनमें विद्यालय भवन निर्माण, सोलर एवं विद्युत हाईमास्ट लाइटें, यात्री प्रतीक्षालय, चिकित्सा उपकेंद्रों का सुदृढ़ीकरण, सड़क निर्माण, विद्युतीकरण तथा विभिन्न सामुदायिक अवसंरचना परियोजनाएं शामिल हैं। सोनभद्र की यह विकास गाथा इस बात का प्रमाण है कि जब दूरदर्शी नेतृत्व, प्रभावी सुशासन और जनभागीदारी एक साथ आते हैं, तब असंभव प्रतीत होने वाले परिवर्तन भी संभव हो जाते हैं। एक आकांक्षी जनपद से राष्ट्रीय स्तर पर विकास के मॉडल तक पहुंचने की यह यात्रा उत्तर प्रदेश और भारत में हो रहे व्यापक परिवर्तन की सशक्त मिसाल है।
सोनभद्र के लोगों के साथ मेरा यह आत्मीय संबंध निरंतर मजबूत होता जा रहा है। जिले की समृद्धि, नए अवसरों और समावेशी विकास की इस यात्रा में मैं आगे भी पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ अपना योगदान देता रहूंगा। स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से मार्च 2025 में पीएलएल के कॉर्पाेरेट सामाजिक दायित्व (CSR) कार्यक्रम के तहत स्वायत्तशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज, सोनभद्र को अत्याधुनिक जीपीएस-सक्षम एडवांस्ड कार्डियोवैस्कुलर लाइफ सपोर्ट (ACLS) एम्बुलेंस प्रदान की गई। इसके पश्चात जुलाई 2025 में मोबाइल ब्लड कलेक्शन एवं ट्रांसपोर्टेशन वैन भी उपलब्ध कराई गई, जिससे दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें। तीरंदाजी के क्षेत्र में सोनभद्र को नई पहचान दिलाने हेतु विशेष प्रयास किए गए। जनपद में चार पी0एस0पी0बी0 तीरंदाजी प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन कराया गया, साथ ही स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए तीरंदाजी उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। आज सोनभद्र देश के उभरते हुए तीरंदाजी केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। मंत्री जी ने पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विशेष बल देते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ को निर्देशित किया कि जनपद के ऐतिहासिक, धार्मिक, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने हेतु एक समग्र कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा जनपद की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी। बैठक के दौरान उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरणों, संसाधनों एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही चिकित्सकों एवं अन्य मानव संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र कार्रवाई की जाए, जिससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सके। मंत्री जी ने आकांक्षी जनपद कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे कार्यों की भी समीक्षा की तथा जनपद में शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनपद सोनभद्र निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और इसे मॉडल जनपद के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। बैठक में समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड़, विधायक घोरावल डॉ. अनिल कुमार मौर्य, पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता, पूर्व राज्यसभा सांसद रामसकल, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी सहित अन्य अधिकारीगण एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।