Twisha Death Case: ट्विशा की सास गिरिबाला ने दावा किया है कि उनके बेटे समर्थ को अदालत में पीटा गया है। आखिर क्या मामला है, इस आरोप पर क्या कहा गया है। जानिए सब कुछ।
ट्विशा शर्मा डेथ केस का ताजा अपडेट यह है- अदालत ने ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मगर इससे पहले हुई पूछताछ के बारे में जो बातें सामने आई हैं, उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्विशा की सास गिरिबाला ने दावा किया है कि उनके बेटे समर्थ को अदालत में पीटा गया है। आखिर क्या मामला है, इस आरोप पर क्या कहा गया है। जानिए सब कुछ।
अदालत में सुनवाई हो रही थी। दोनों पक्षों के वकीलों में तीखी बहस हुई। ये सब कुछ न्यायिक दंडाधिकारी के सामने हो रहा था। तभी सुनवाई के दौरान ट्विशा की पूर्व जज सास गिरिबाला ने खुद ही अपना पक्ष रखा और पैरवी की। इस दौरान गिरिबाला ने चिल्लाकर कहा- घर के सीसीटीवी फुटेज किसने बाहर किए ये मुझे नहीं पता। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे समर्थ के साथ कथित मारपीट का आरोप लगाया।
सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि ट्विशा पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने जबलपुर न्यायालय परिसर में उनके बेटे समर्थ के साथ मारपीट की थी। इस पर वकील अनुराग श्रीवास्तव ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि न्यायालय परिसर में लगे निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कराई जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि समर्थ को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह उस दौरान न्यायालय परिसर में कहां थे।
सीबीआई जांच के दौरान समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह ने अपने ऊपर लगे मारपीट तथा साक्ष्यों से छेड़छाड़ के आरोपों को अस्वीकार किया है। दोनों का कहना है कि ट्विशा शर्मा के साथ उनके संबंध सामान्य थे। जांच एजेंसी उनके बयानों का उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान कर रही है। इससे पहले की बात करें तो मामले में तीन बड़े अपडेट हुए हैं। मामला सीबीआई के हाथों गया और कोर्ट में केस की सुनवाई तेज हुई। दूसरा, गिरिबाला की अग्रिम जमानत रद्द होने के साथ ही मां-बेटे को हिरासत में लिया गया और इससे पहले ट्विशा का दूसरा पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार हुआ।
आपको बताते चलें कि 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई थी। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने पति और ससुराल पक्ष पर हत्या तथा प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।



