
संवाददाता। राजन जायसवाल।
कोन /सोनभद्र। जनपद के कोन थाना क्षेत्र में इन दिनों शादी-विवाह के सीजन के बीच ओवरलोड सवारी वाहनों का खतरनाक खेल खुलेआम जारी है। नियम-कायदों को दरकिनार कर पिकअप और छोटे मालवाहक वाहनों में क्षमता से कई गुना अधिक लोगों को बैठाकर सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि मानो इंसानी जिंदगी की कोई कीमत ही न रह गई हो।
बुधवार को क्षेत्र में एक बेहद चिंताजनक दृश्य देखने को मिला, जिसने राहगीरों और ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया। एक पिकअप वाहन में दर्जनों लोग ठूंस-ठूंस कर भरे गए थे। वाहन की छत, दोनों किनारों और पीछे लगी सीढ़ियों तक लोग लटककर सफर करते दिखाई दिए। तेज रफ्तार और असंतुलित तरीके से दौड़ रहा यह वाहन किसी भी समय बड़े हादसे में तब्दील हो सकता था, लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कोन क्षेत्र में लंबे समय से ओवरलोड वाहनों का संचालन बदस्तूर जारी है, लेकिन प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। लोगों का कहना है कि पुलिस और संबंधित विभाग सबकुछ देखकर भी अनदेखा कर रहे हैं, जिससे वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं।
क्षेत्रीय नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते ऐसे वाहनों पर सख्ती नहीं की गई तो किसी दिन बड़ा सड़क हादसा कई परिवारों की खुशियां छीन सकता है। लोगों ने प्रशासन से विशेष अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों की जांच करने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि शादी-विवाह के मौसम में सस्ते किराये और लालच के कारण लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हो जाते हैं, जिसका फायदा वाहन संचालक उठा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह सड़कों पर चल रही “मौत की सवारी” पर तत्काल रोक लगाए।
इस संबंध में एआरटीओ सोनभद्र ने दूरभाष पर बताया कि मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
