
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
AI तकनीक से अश्लील वीडियो बनाकर करते थे ब्लैकमेल।
फर्जी पुलिस-आर्मी प्रोफाइल लगाकर लोगों को डराकर वसूलते थे रकम।
सोनभद्र। पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों को डिजिटल माध्यम से ब्लैकमेल कर धन उगाही करता था। इस गिरोह के उत्पीड़न से परेशान होकर एक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने राजस्थान से पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अभियान में अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल) ऋषभ रुणवाल तथा क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस, साइबर थाना, एसओजी एवं सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से यह सफलता हासिल की।
पुलिस के अनुसार 29 अप्रैल 2026 को अंकिता पाठक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देकर बताया कि उनके पति राजेंद्र पाठक ने 7/8 अप्रैल की रात अपने नवनिर्मित मकान में आत्महत्या कर ली थी। शुरुआत में आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो सके, लेकिन परिजनों द्वारा मृतक का मोबाइल फोन जांचने पर कई अहम तथ्य सामने आए। मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और बैंक खाते के स्टेटमेंट से पता चला कि कुछ अज्ञात लोगौ द्वारा लगातार मृतक को धमकाकर पैसे मांग रहे थे। मृतक कई बार आरोपियों को धनराशि भी भेज चुका था। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि साइबर उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर ही उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना रॉबर्ट्सगंज में मु0अ0सं0-343/2026 धारा 108 एवं 308(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना, एसओजी एवं सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम गठित की गई जांच टीम ने मृतक के मोबाइल में मौजूद चैट, वीडियो कॉल और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच के दौरान पता चला कि वीडियो कॉल राजस्थान के अलवर जनपद से की गई थी। जिस खाते में धनराशि भेजी गई, वह महाराष्ट्र राज्य का था, जबकि रकम राजस्थान के भिवाड़ी क्षेत्र से निकाली गई थी। तकनीकी साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी एवं सर्विलांस प्रभारी नागेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम राजस्थान रवाना हुई। संयुक्त पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से 10 मई 2026 को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में धमकी देकर धन उगाही करने वाले, रकम निकालने वाले तथा म्यूल बैंक खाते और एटीएम कार्ड उपलब्ध कराने वाले लोग शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में अफसील खान, नूर मोहम्मद उर्फ नंदा, राशिद, वशिम तथा बारिश शामिल हैं, जो राजस्थान के अलवर एवं खैरथल- तिजारा क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 2 म्यूल अकाउंट के एटीएम कार्ड, घटना में प्रयुक्त सिम कार्ड तथा 6000 रुपये नकद बरामद किए जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर उनमें पुलिस और आर्मी अधिकारियों की तस्वीरें लगाते थे। इसके बाद लोगों को वीडियो कॉल कर AI तकनीक की मदद से अश्लील वीडियो तैयार कर ब्लैकमेल किया जाता था। मुख्य आरोपी अफसील खान अपने साथियों के साथ लोगों को डराकर पैसे वसूलता था। वहीं नूर मोहम्मद उर्फ नंदा और राशिद बैंक खातों से रकम निकालने का काम करते थे। अभियुक्त वशिम फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते और एटीएम कार्ड उपलब्ध कराता था, जबकि बारिश म्यूल अकाउंट की व्यवस्था करता था। इसके बदले गिरोह के सदस्य कमीशन प्राप्त करते थे। इस पूरे ऑपरेशन में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र कुमार चौधरी, एसओजी एवं सर्विलांस प्रभारी नागेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक उमाशंकर यादव, हेड कांस्टेबल संजय वर्मा, कांस्टेबल जयप्रकाश सरोज, अभिषेक तिवारी एवं शिवम सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सोनभद्र पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धमकी, ब्लैकमेलिंग या संदिग्ध वीडियो कॉल की सूचना तत्काल पुलिस और साइबर हेल्पलाइन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।