मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे में अब तक हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार सुबह एक बच्चे और कुछ देर बाद एक युवक का शव मिला है। हादसे के पहले दिन 4 शव, दूसरे दिन 5, तीसरे दिन 2 और आज चौथे दिन भी 2 शव मिले। एहतियात के तौर पर आज भी दिनभर सर्चिंग अभियान चलाया जाएगा।
मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे में अब तक हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार सुबह एक बच्चे और कुछ देर बाद एक युवक का शव मिला है। हादसे में जान गंवाने वाले तमिलनाडु के पर्यटकों के शव उनके गृह राज्य भेजे गए हैं। जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से कार्गो विमान के जरिए शवों को त्रिची रवाना किया गया। शुरुआत में तकनीकी कारणों से एक कार्गो विमान में दिक्कत आई, जिसके बाद शवों को दूसरे विमान से भेजा गया है।
शवों को गृह राज्यों तक पहुंचाने की तैयारी
सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि एहतियात के तौर पर आज दिनभर सर्चिंग अभियान चलाया जाएगा। मृतकों के परिजन भी साथ में रवाना हुए हैं। प्रशासन की ओर से अन्य शवों को भी उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे में रविवार सुबह करीब 6 बजे 8 साल के बच्चे मयूरन की डेडबॉडी मिली थी। उसके बाद सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर लापता कामराज आर. का शव निकाला गया है। इससे पहले शनिवार शाम 6 बजे दो बच्चों के शव मिले थे। इनमें से एक की पहचान श्रीतमिल पिता कामराज और दूसरे की विराज पिता कृष्ण सोनी के रूप में हुई थी।
40 से अधिक पर्यटक सवार थे
बता दें कि हादसे के पहले दिन 4 शव, दूसरे दिन 5, तीसरे दिन 2 और आज चौथे दिन दो शव मिले। मृतकों में 4 बच्चे और 8 महिलाएं शामिल हैं। घटना 30 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे की है जब मध्य प्रदेश टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज बरगी डैम में डूब गया था। उसमें 40 से अधिक पर्यटक सवार थे, जबकि जानकारी के अनुसार टिकट सिर्फ 29 लोगों की ही कटी थी। हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ था। उस वक्त हवा की रफ्तार करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटा थी।
अलर्ट के बाद भी संचालन क्यों नहीं रोका
मध्य प्रदेश टूरिज्म के सलाहकार कमांडर राजेंद्र निगम के अनुसार, बरगी डैम हादसा अचानक आए मिनी बवंडर और तेज लहरों के कारण हुआ। उनका कहना है कि ऊंची लहरों से क्रूज का संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह पलट गया। हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल अब भी अनसुलझा है कि जब मौसम विभाग ने पहले ही येलो अलर्ट जारी कर दिया था तो फिर क्रूज का संचालन क्यों नहीं रोका गया? यह भी स्पष्ट नहीं है कि खराब मौसम के दौरान किसी तरह की रियल-टाइम मॉनिटरिंग या अलर्ट सिस्टम मौजूद था या नहीं।


