सीएम मोहन यादव ने कहा कि सेना के प्रशिक्षित गोताखोरों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हादसे में लोगों की जान बचाने वाले व्यक्तियों को 51,000 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध में क्रूज पलटने की घटना में शुक्रवार को पांच अन्य शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर कुल नौ हो गई जबकि छह लोग अब भी लापता हैं। उधर इस हादसे को लेकर कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने पांच लोगों के खिलाफ ऐक्शन ले लिया है। इस दौरान क्रूज के पायलट, हेल्पर और टिकट काउंटर इंचार्ज को बर्खास्त कर दिया गया है, साथ ही दो अन्य लोगों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा एक अन्य अधिकारी का तबादला करते हुए उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। उधर सीएम मोहन यादव ने शुक्रवार को मृतकों के परिजनों से जाकर मिले और उन्हें ढांढस बंधाया।
कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर इंचार्ज बृजेंद्र की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
दो लोगों को निलंबित किया गया, एक का ट्रांसफर हुआ
उन्होंने बताया कि इसके अलावा, होटल मैकल रिजॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को कथित लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। वहीं, क्षेत्रीय मैनेजर संजय मल्होत्रा का तबादला भोपाल स्थित पर्यटन विभाग के मुख्यालय में कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
मृतकों के परिजनों से मिले सीएम मोहन यादव
प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को जबलपुर पहुंचकर इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सीएम ने कहा कि हादसे के दौरान जान जोखिम में डालकर पर्यटकों को बचाने वाले स्थानीय लोगों को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।
जान बचाने वालों को मिलेंगे 51-51 हजार, सम्मान भी होगा
सीएम ने आगे कहा कि सेना के प्रशिक्षित गोताखोरों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हादसे में लोगों की जान बचाने वाले व्यक्तियों को 51,000 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
पीएम मोदी ने की 2-2 लाख के मुआवजे की घोषणा
उधर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी शुक्रवार को इस घटना पर शोक व्यक्त किया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए तथा घायलों को 50,000 रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। इससे पहले राज्य सरकार भी अपनी ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए देने की घोषणा की थी।
डूबे हुए क्रूज को शुक्रवार को बाहर निकाला गया
एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार शाम अचानक आई तेज आंधी के कारण पलटे क्रूज को पानी से बाहर निकाल लिया गया और उसके भीतर कोई नहीं मिला। जबलपुर के नगर पुलिस अधीक्षक अंजुल आयान मिश्रा ने बताया कि लापता छह लोगों की तलाश जारी है। इस बीच, मुख्यमंत्री यादव जबलपुर पहुंचे और उस व्यक्ति के घर गए, जिसे गुरुवार रात बचाव दल ने नाव में छेद कर सुरक्षित बाहर निकाला था।
नेता प्रतिपक्ष ने भी किया घटनास्थल का दौरा
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी शुक्रवार को घटनास्थल का दौरा कर पर्यटन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बांध स्थल पर मौसम की जानकारी के लिए आवश्यक उपकरण नहीं थे। पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और लाइफ जैकेट से जुड़े मुद्दे की भी जांच होगी।
नाव के डूबना शुरू होने पर बांटी गई थी लाइफ जैकेट
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवा के कारण पानी में उथल-पुथल मच गई, जिससे क्रूज में सवार लोगों ने चालक से किनारे की ओर लौटने को कहा लेकिन शोर के बीच चालक तक यह बात नहीं पहुंच सकी और क्रूज पलट गया। दिल्ली निवासी एक महिला यात्री ने आरोप लगाया कि यात्रियों को पहले से लाइफ जैकेट नहीं पहनाई गई थी और अंतिम समय में उन्हें बांटने की कोशिश से अफरातफरी मच गई, जिसके बाद नाव पलट गई।
बता दें कि गुरुवार शाम को बरगी बांध में चली तेज हवाओं के कारण एक क्रूज बोट पलट जाने से नौ लोगों की मौत हो गई है, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। राज्य सरकार ने नर्मदा नदी पर बने इस बांध में हुए हादसे की जांच के आदेश दिए हैं और प्रदेश में इस प्रकार के क्रूज के संचालन पर रोक लगा दी है।


