
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
सोनभद्र। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत इन दिनों बदहाल नजर आ रही है। प्रतिदिन करीब डेढ़ से दो हजार मरीजों का इलाज करने वाले मेडिकल कॉलेज में बीती रात लगभग 12 बजे से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल स्टाफ को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि अस्पताल की कई महत्वपूर्ण सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो चुकी हैं और मरीज गर्मी, पानी और जांच सुविधाओं के अभाव में बेहाल हैं।
बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण ओपीडी, ब्लड जांच, ऑपरेशन थिएटर और पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ ही जांच कराने पहुंचे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। बिजली न होने के कारण ब्लड टेस्ट के लिए लिए गए सैंपल्स भी प्रभावित हो गए हैं। जानकारी के अनुसार 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के चलते कई ब्लड सैंपल खराब हो चुके हैं, जिससे जांच रिपोर्ट की शुद्धता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में आए दिन ऐसी समस्या बनी रहती है। कई लोग पिछले दिन भी जांच रिपोर्ट लेने पहुंचे थे, लेकिन बिजली न होने के कारण रिपोर्ट नहीं मिल सकी। गुरुवार सुबह से भी मरीज और तीमारदार रिपोर्ट के इंतजार में मेडिकल कॉलेज परिसर में बैठे रहे। लोगों का कहना है कि इलाज के लिए पहले ही काफी परेशानी उठानी पड़ती है, ऊपर से इस तरह की अव्यवस्था मरीजों की मुश्किलें और बढ़ा रही है।
सबसे गंभीर बात यह है कि मेडिकल कॉलेज के सी ब्लॉक में बिजली जाने के बाद किसी प्रकार की बैकअप व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। यहां न तो इनवर्टर की सुविधा है और न ही जनरेटर की समुचित व्यवस्था। जबकि इसी ब्लॉक में ब्लड जांच, डेंटल ओटी और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं संचालित होती हैं। ऐसे में अचानक बिजली गुल होने से स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गईं। सी ब्लॉक की प्रभारी डॉ. ज्योति अग्रवाल ने बताया कि उन्हें दो दिन पहले ही इस ब्लॉक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि बिजली व्यवस्था बाधित होने के कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि अब तक इस ब्लॉक में जनरेटर और इनवर्टर जैसी मूलभूत सुविधाएं क्यों उपलब्ध नहीं कराई गईं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बातचीत कर जल्द ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। डॉ. अग्रवाल ने यह भी माना कि लंबे समय तक बिजली न रहने के कारण ब्लड सैंपल प्रभावित हुए हैं, जिसका असर जांच रिपोर्ट पर पड़ सकता है। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बिजली व्यवस्था को बहाल करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। फिलहाल मेडिकल कॉलेज की बदहाल व्यवस्था ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो किसी दिन यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।