
रिपोर्ट – विशेष संवाददाता।
उत्तर प्रदेश। दिनांक: 25 अप्रैल 2026 हर वर्ष 25 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में इस जानलेवा बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसके उन्मूलन के प्रयासों को तेज करना है। वर्ष 2026 की थीम “मलेरिया समाप्त करने की दिशा में प्रेरित: अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा” लोगों को एकजुट होकर ठोस कदम उठाने का संदेश देती है।
मलेरिया आज भी दुनिया के कई हिस्सों, विशेषकर अफ्रीका, सब-सहारा क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व एशिया में गंभीर स्वास्थ्य संकट बना हुआ है। इसे खत्म करने के लिए RBM Partnership to End Malaria के तहत वैश्विक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें UNICEF, UNDP और विश्व बैंक जैसी संस्थाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। मलेरिया एक संक्रामक रोग है, जो प्लास्मोडियम परजीवी के कारण होता है और संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह बीमारी तेजी से फैलती है और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है।
लक्षण और खतरे
विशेषज्ञों के अनुसार मलेरिया के प्रमुख लक्षण हैं:
तेज बुखार
ठंड लगना
सिरदर्द
शरीर में दर्द और थकान
मतली और उल्टी
गंभीर मामलों में यह सेरेब्रल मलेरिया, गंभीर एनीमिया और अंगों के फेल होने जैसी जटिलताएं पैदा कर सकता है। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे और गर्भवती महिलाएं सबसे अधिक जोखिम में रहती हैं।
मलेरिया का समय पर पता लगाकर इलाज किया जा सकता है। इसके लिए:
रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT)
एंटी-मलेरियल दवाएं
आधुनिक वैक्सीन जैसे RTS,S और R21
अब पहले से ज्यादा प्रभावी साबित हो रहे हैं। इससे मलेरिया उन्मूलन की उम्मीद मजबूत हुई है।
मलेरिया से बचने के लिए कुछ जरूरी उपाय अपनाना बेहद आवश्यक है: कीटनाशक युक्त मच्छरदानी का उपयोग
घर के आसपास पानी जमा न होने देना
नियमित फॉगिंग और छिड़काव
बुखार होने पर तुरंत जांच
यशोदा हॉस्पिटल जैसे संस्थान मलेरिया सहित अन्य संक्रामक रोगों की जांच और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को बेहतर सुविधा और समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मलेरिया उन्मूलन केवल सरकारों या स्वास्थ्य संस्थानों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। जागरूकता, समय पर इलाज और सावधानी से इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
विश्व मलेरिया दिवस 2026 हमें यह याद दिलाता है कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं। यदि हम सभी मिलकर सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें, तो वह दिन दूर नहीं जब दुनिया मलेरिया मुक्त होगी।
संकल्प लें — मच्छर से बचाव करें, समय पर जांच कराएं और जागरूकता फैलाएं।