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नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर नोएडा पुलिस कमिश्नर ने बयान जारी करते हुए कहा कि सोशल मीडिया के दो अकाउंट से गलत जानकारी शेयर करने की वजह से प्रदर्शन उग्र हुआ. दोनों सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान कर ली गई है और उनके ख़िलाफ़ FIR दर्ज कराई जा रही है. दूसरे जिलों से सटे इलाकों में भीड़ के एक जत्थे ने एंट्री की और माहौल बिगड़ा.

नोएडा में हुए हिंसक बवाल को लेकर अपडेट.
Noida Protest News: दिल्ली से सटे नोएडा के अलग-अलग औद्योगिक इलाके में हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर बवाल मचा हुआ है. पुलिस ने अभी तक इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है. साथ ही सैकड़ों लोगों से पूछताछ भी हुई है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा प्रदर्शन सुनियोजित था. वहीं सूबे के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने भी साजिश की शंका जताई है. यह बवाल सोमवार सुबह अचानक शुरू हुआ और अभी तक छिटपुट जगहों पर श्रमिकों का जमावड़ा लगा हुआ है. हालांकि अभी हालात काबू में हैं. यहां पढ़ें नोएडा हिंसा से जुड़े अबतक के अपडेट्स…
गौतमबुद्ध नगर में औद्योगिक असामंजस्य के समाधान के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने कई चरणों में श्रमिकों एवं संबंधित पक्षों के साथ बैठक की. समिति ने श्रमिकों एवं संबंधित पक्षों की समस्याओं पर गहनता से विचार किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गौतम बुद्ध नगर में उत्पन्न औद्योगिक असामंजस्य की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए औद्योगिक सौहार्द एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा श्रमिकों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है.
प्रदेश सरकार ने नोएडा बवाल की जांच के लिए जो हाई लेवल कमेटी बनाई थी. उसकी बैठक पूरी हो गई है. उसमें मजदूरों की मांगों पर सहमति बन गई है. नोएडा प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों के साथ बैठक की. उच्च स्तरीय समिति द्वारा श्रमिकों उद्यमियों के साथ हुई बैठक की सीएम योगी ने भी जानकारी ली.
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर ने पूरे बवाल पर बयान जारी करते हुए कहा कि कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में 13 अप्रैल को को लगभग 40-45 हजार श्रमिकों/मजदूरों ने विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सड़कों पर एकत्र होकर कमिश्नरेट के लगभग 80 से अधिक स्थानों पर उत्पात व उपद्रव मचाया. जिस कारण कानून व्यवस्था की प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न हुयी. 7 मामले अलग अलग पुलिस थाने में दर्ज किए गए हैं. इस दौरान कुछ अराजक तत्वों द्वारा सेक्टर-63 क्षेत्र के 2 स्थानों तथा मदरसन कंपनी परिसर के आसपास आगजनी की घटना कारित करते हुये हिंसक प्रदर्शन किया गया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गयी. पुलिस बल द्वारा अत्यन्त सयंम दिखाते हुये स्थिति को नियत्रित करने का प्रयास किया गया. लेकिन कुछ अराजक तत्वों द्वारा विभिन्न स्थानों पर समूह बनाकर यातायात बाधित करने एवं कानून-व्यवस्था को प्रभावित किया गया.
श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर नोएडा पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सोशल मीडिया के दो अकाउंट से गलत जानकारी शेयर करने की वजह से प्रदर्शन उग्र हुआ. दोनों सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान कर ली गई है और उनके ख़िलाफ़ FIR दर्ज कराई जा रही है. दूसरे जिलों से सटे इलाकों में भीड़ के एक जत्थे ने एंट्री की और माहौल बिगड़ गया. इस जत्थे के कई लोगों को हिरासत में लिया गया है. क़ानून हाथ में लेने वालों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज कराई जा रही है. माहोल ख़राब करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी और 83 स्थलों पर 42 हज़ार श्रमिकों ने प्रदर्शन किया. इसके अलावा 78 स्थानों पर प्रदर्शन करने वाले लोगों को समझाकर वापस भेजा गया. श्रमिकों की पांच मांगो में से चार मांगे मानी गई. बाक़ी मांगों को पूरा करने के सीएम ने हाई लेवल कमेटी बनाई है. हाई लेवल कमेटी की एक मीटिंग हो चुकी है. मुख्यमंत्री इस प्रकरण को लेकर गंभीर है. Cp लक्ष्मी सिंह ने श्रमिकों से शांति बनाये रखने की अपील की है. अफ़वाह फैलाने वालों और कानून को हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी.
नोएडा में हुए बवाल को लेकर नोएडा पुलिस कर्मियों की सभी छुट्टियां तत्काल रद्द कर दी गई हैं. वहीं जो पुलिसकर्मी छुट्टी पर गए हुए हैं. उन्हें तत्काल ड्यूटी ज्वाइन करने की आदेश दिए गए हैं.
नोएडा में हुए बवाल के बाद गाजियाबाद पुलिस अलर्ट मोड पर है. पुलिस लगातार इंडस्ट्रियल एरिया में फ्लैग मार्च करके कंपनी मालिक और कर्मचारियों को लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए अपील कर रही है. पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के लिए इंडस्ट्रियल एरिया में फ्लैग मार्च भी निकाला और इस दौरान संदिग्ध लोगों की चेकिंग भी की. पुलिस ने कर्मचारियों से अपील की है कि वह किसी भी स्थिति में क्षेत्र के अंदर हिंसक माहौल नहीं बनाएं और क्षेत्र के अंदर शांति व्यवस्था बनाए रखें. एसीपी कोतवाली उपासना पाण्डेय ने बताया कि पुलिस अलर्ट मोड पर है और लगातार फ्लैग मार्च करते हुए चेकिंग अभियान चला रही है. क्षेत्र में किसी भी प्रकार से माहौल को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा. अगर किसी ने भी माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी.
नोएडा हिंसा को पुलिस ने एक सुनियोजित साजिश बताया है. क़रीब 150 संदिग्ध को राउंड अप किया गया है. करीब 5 से 6 संदिग्ध ऐसे भी यूपी पुलिस की गिरफ्त में आए है जिन्होंने केवल आगजनी को अंजाम दिया और ये सब सुनियोजित तरीके से. अल्ट्रा लेफ्टिस्ट ने श्रमिकों के प्रदर्शन को हाईजैक किया और फिर उन्हें भड़काया. प्रदर्शन में शामिल हुए और उग्र प्रदर्शन किया. पुलिस पार्टी सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया. यूपी पुलिस को एक गहरी साजिश के क्लू मिले हैं.
पुलिस ने 60 लोगों को हिंसक प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार किया है. 200 से ज्यादा लोगों को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है. इसके अलावा पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की है.
नोएडा में श्रमिकों के आंदोलन पर यूपी पुलिस मुख्यालय ने संदेश जारी किया है. डीजीपी राजीव कृष्ण और एडीजी लॉ ऑर्डर नोएडा के हालातों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. जरूरत के मुताबिक अफसरों को दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं. नोएडा में तैनात पुलिस अफसरों और कर्मचारियों के साथ डीजीपी राजीव कृष्ण ने ऑनलाइन मीटिंग की.
नोएडा कंपनी मजदूर विवाद मामले में गठित हाई लेवल कमेटी आज रात तक हल निकाल लेगी. सभी पक्षों से बातचीत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की की नजर है. पूरे मामले में रात को सीएम योगी समीक्षा करेंगे.
नोएडा में हुए बवाल को लेकर पुलिस ने 300 लोगों को प्रीवेंटिव अरेस्ट कर न्यायिक हिरासत में भेज में दिया है, जो प्रदर्शन में शामिल थे. साइबर टीम कुल 7 व्हाट्सएप ग्रुप की जांच कर रही है, जिन्होंने माहौल खराब करने की कोशिश की है. गिरफ्तार लोगों में कोई श्रमिक नहीं है. यह वह लोग हैं, जिन्हें एक साजिश तहत के तहत श्रमिकों के बीच उग्र प्रदर्शन करने के लिए भेजा गया था.
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Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें



