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Raebareli ki local news : करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई भव्य बिल्डिंग, आधुनिक सुविधाएं और उच्च शिक्षित स्टाफ लेकिन फिर भी क्लासरूम खाली. रायबरेली की ये तस्वीर सरकारी शिक्षा पर बड़े सवाल खड़े करती है. राजकीय महाविद्यालय हरिपुर निहस्था में सिर्फ 19 छात्र ही पढ़ रहे हैं. 8 शिक्षक यहां तैनात हैं. इस राजकीय महाविद्यालय का संबंध लखनऊ विश्वविद्यालय से है. प्राचार्य डॉ. जयशंकर लोकल 18 से कहते हैं कि यहां पर लोक सेवा आयोग की ओर से चयनित शिक्षक भी तैनात हैं, लेकिन पता नहीं क्यों यहां पर छात्र दाखिला लेने से कतरा रहे हैं. ग्रेजुएशन की फीस भी बेहद कम है.
रायबरेली. यूपी के रायबरेली से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है. करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई भव्य बिल्डिंग, आधुनिक सुविधाएं और उच्च शिक्षित स्टाफ लेकिन फिर भी क्लासरूम खाली. जिले से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित राजकीय महाविद्यालय हरिपुर निहस्था में महज 19 छात्र ही पढ़ रहे हैं. 8 शिक्षक यहां तैनात हैं. रायबरेली जिले के खीरों थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे हरिपुर निहस्था में स्थित इस राजकीय महाविद्यालय का संबंध लखनऊ विश्वविद्यालय से है. आधुनिक शैक्षिक संसाधनों से लेस यह महाविद्यालय जिले के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया था लेकिन निजी शिक्षण संस्थानों के आगे महाविद्यालय में छात्र दाखिला लेने से कतरा रहे हैं. जिसका नतीजा है कि यहां पर मात्र अब तक 19 छात्र ही अध्यनरत हैं.
हर सुविधा यहां
राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जयशंकर लोकल 18 से कहते हैं कि सरकार की ओर से इस महाविद्यालय में स्मार्ट क्लास, गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल, जिम सहित कई अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. यहां पर लोक सेवा आयोग की ओर से चयनित शिक्षक भी तैनात हैं, लेकिन पता नहीं क्यों यहां पर छात्र दाखिला लेने से कतरा रहे हैं. अन्य शिक्षण संस्थानों की अपेक्षा यहां पर ग्रेजुएशन की फीस भी बेहद कम है. इस विद्यालय का निर्माण RUSA योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कराया गया है.
इन संकायों की कक्षाएं
रायबरेली और उन्नाव की सीमा पर स्थित राजकीय महाविद्यालय में तीन संकायों बैचलर ऑफ आर्ट्स, बैचलर ऑफ साइंस (पीसीबी+पीसीएम) और बैचलर ऑफ कॉमर्स की कक्षाएं संचालित हैं. बैचलर ऑफ आर्ट्स के कुल सात विषयों के लिए यहां शिक्षकों की नियुक्ति भी है. कला संकाय में प्रमुख रूप से (हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास,अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, गृह विज्ञान और मनोविज्ञान) जैसे विषयों की पढ़ाई के लिए आधुनिक संसाधनों से लैस कक्षाएं बनी हुई हैं. डॉ. जयपाल बताते हैं कि वर्ष 2016 से संचालित राजकीय महाविद्यालय में बैचलर ऑफ आर्ट्स के लिए 4448 रुपये प्रतिवर्ष की फीस है. बैचलर ऑफ साइंस (पीसीबी+पीसीएम) के लिए 5448 रुपये प्रतिवर्ष और बैचलर ऑफ कॉमर्स के लिए 4448 रुपये प्रतिवर्ष की फीस निश्चित है. जो अन्य शैक्षणिक संस्थाओं की तुलना में बेहद न्यूनतम है.
गांव-गांव जाकर समझा रहे शिक्षक
प्राचार्य जयशंकर बताते हैं कि आधुनिक संसाधनों से लैस विज्ञान की प्रयोगशाला पुस्तकालय, गर्ल्स और ब्वॉयज छात्रावास भी बनाया गया है. छात्र-छात्राओं की फिटनेस को ध्यान में रखते हुए कॉलेज परिसर में ही जिम सेंटर भी है. अपनी टीम के साथ गांव-गांव जाकर अभिभावकों , छात्र-छात्राओं से संवाद कर काउंसलिंग भी हम करते हैं कि वह अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए हमारे यहां भेजें. यहां कम फीस में अच्छी शिक्षा है. यहां पर लोक सेवा आयोग की ओर से चयनित शिक्षक पढ़ाते हैं.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें



