
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
चोपन सोनभद्र। ब्लॉक संसाधन केंद्र चोपन से ब्लॉक स्तरीय ‘स्कूल चलो अभियान’ के अंतर्गत एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का नेतृत्व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय द्वारा किया गया, जबकि इसका संयोजन खंड शिक्षा अधिकारी चोपन लोकेश मिश्रा ने किया। यह रैली ओबरा क्षेत्र के बिल्ली गांव, वीआईपी रोड और डिग्री कॉलेज चौराहे से होते हुए पुनः ब्लॉक संसाधन केंद्र चोपन पर आकर संपन्न हुई। रैली में उच्च प्राथमिक विद्यालय बिल्ली, खैरटियां, कोठा टोला, प्राथमिक विद्यालय बिल्ली मारकुंडी, भलुआ टोला, बिल्ली प्रथम, खैरटिया सहित विभिन्न विद्यालयों के 500 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। बच्चों ने जागरूकता नारों के माध्यम से शिक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। रैली को संबोधित करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जनसमुदाय से अपील की कि वे अपने 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का नामांकन नजदीकी परिषदीय विद्यालयों में अवश्य कराएं। उन्होंने सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि— निःशुल्क यूनिफॉर्म, बैग, जूता-मोजा एवं स्वेटर के लिए DBT के माध्यम से ₹1200 की धनराशि निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण मध्याह्न भोजन योजना प्रत्येक विद्यालय में सक्रिय पुस्तकालय 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए बाल वाटिका स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम
शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की दी गई जानकारी
खंड शिक्षा अधिकारी लोकेश मिश्रा ने शत-प्रतिशत नामांकन और बच्चों की नियमित उपस्थिति पर जोर दिया। साथ ही आंगनवाड़ी, बाल वाटिका, दीक्षा ऐप, मीना मंच और बाल संसद जैसी गतिविधियों के महत्व को भी समझाया। राज्य संदर्भ समूह के सदस्य विद्या सागर ने मदर ओरिएंटेशन, इको क्लब और दीक्षा कोर्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग में 39 वर्षों की सफल सेवा पूर्ण करने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक सरफराज अहमद खान का भव्य सम्मान एवं विदाई समारोह भी आयोजित किया गया। सहकर्मियों ने उनके योगदान को सराहा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी म्योरपुर सुनील कुमार, संत जेवियर पब्लिक स्कूल डाला के प्रबंधक जितेंद्र यादव, एआरपी ज्ञान प्रकाश, प्रशांत अवस्थी, वंशदीप सिंह सहित कई वरिष्ठ शिक्षक एवं संकुल शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन सुमन सिंह और आनंद त्रिपाठी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। ‘स्कूल चलो अभियान’ की इस रैली ने शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सशक्त संदेश दिया।प्रशासन और शिक्षा विभाग की इस पहल से निश्चित रूप से अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ने में मदद मिलेगा।