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Bhojpur Chess Player Avya Srivastava: भोजपुर की 7 वर्षीय नन्ही प्रतिभा अव्या श्रीवास्तव ने पटना में आयोजित ओपन फिडे रेटिंग अंडर-7 शतरंज प्रतियोगिता में ऑल इंडिया प्रथम स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है. इस शानदार जीत के साथ उन्होंने 5000 रुपये का नकद पुरस्कार जीता और राष्ट्रीय स्तर पर जिले का मान बढ़ाकर अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा पेश की है.

भोजपुर जिले की छोटी शतरंज खिलाड़ी अव्या श्रीवास्तव ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है. उन्होंने ओपन फिडे रेटिंग शतरंज प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया. इतनी कम उम्र में यह सफलता पाना किसी भी खिलाड़ी के लिए बहुत बड़ी बात होती है. अव्या की इस जीत से उनके परिवार, स्कूल और पूरे भोजपुर जिले में खुशी का माहौल है. लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं.

यह शतरंज प्रतियोगिता 25 मार्च से 29 मार्च तक पटना के कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित की गई थी. इस प्रतियोगिता में बिहार समेत देश के कई हिस्सों से प्रतिभागियों ने भाग लिया था. प्रतियोगिता काफी प्रतिस्पर्धात्मक थी, जिसमें हर खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहा था. ऐसे माहौल में अव्या ने धैर्य और समझदारी से खेलते हुए खुद को सबसे आगे साबित किया और सभी को प्रभावित किया.

अव्या श्रीवास्तव ने अंडर-7 बालिका वर्ग में भाग लिया था और इसी वर्ग में उन्होंने पहला स्थान हासिल किया. उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 5000 का नकद पुरस्कार भी दिया गया. यह पुरस्कार उनकी मेहनत और लगन का परिणाम है. इतनी छोटी उम्र में इस तरह का प्रदर्शन यह दिखाता है कि उनके अंदर आगे चलकर एक बेहतरीन शतरंज खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है.उनकी इस सफलता से अन्य बच्चों को भी प्रेरणा मिलेगी.
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इस प्रतियोगिता में कुल 9 राउंड खेले गए, जिसमें अव्या ने लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए 4 अंक हासिल किए. हर राउंड में उन्होंने सोच-समझकर चाल चली और अपने खेल में संतुलन बनाए रखा. शतरंज जैसे खेल में धैर्य, रणनीति और एकाग्रता बहुत जरूरी होती है, जिसे अव्या ने अपने खेल में बखूबी दिखाया.उनके इस प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि वे भविष्य में और बड़ी प्रतियोगिताओं में भी बेहतर कर सकती हैं.

अव्या आरा की रहने वाली हैं और नियमित रूप से शतरंज का अभ्यास करती हैं. वे एक चेस एकेडमी में प्रशिक्षण लेती हैं, जहां उनके कोच उन्हें खेल की बारीकियां सिखाते हैं. उनके इस सफलता के पीछे उनके कोच और परिवार का भी बड़ा योगदान है.सही मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है.उनके माता-पिता भी उन्हें हर कदम पर सहयोग करते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है.

अव्या की इस उपलब्धि से भोजपुर जिले का नाम पूरे देश में ऊंचा हुआ है.जिले के शतरंज संघ और अन्य लोगों ने भी उनकी तारीफ की है और उन्हें बधाई दी है.सभी को उम्मीद है कि अव्या आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन करेंगी. उनकी सफलता अन्य बच्चों के लिए एक प्रेरणा है कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. अगर उन्हें आगे भी इसी तरह का समर्थन मिलता रहा, तो वे और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं.


